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नालों की सफाई नहीं होने से सड़कों और गलियों में भर रहा गंदा पानी, मंडी स्थित मंदिर भी जलभराव की चपेट में; नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

                           देवेश शर्मा/मुरैना ब्यूरो

मुरैना/जौरा 20 अक्टूबर। नगर में साफ-सफाई और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के चलते आम नागरिकों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, वहीं नालों और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो रहा है। इससे न केवल लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, बल्कि मच्छरों के पनपने और डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने की आशंका है।

नगर की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंडी परिसर में स्थित मंदिर में भी नाले का गंदा पानी भर गया है। मंदिर में पानी भरने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धार्मिक स्थल पर इस तरह गंदा पानी जमा होना नगर की सफाई व्यवस्था और जल निकासी की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 नाले-नालियां जाम, जगह-जगह कचरे के ढेर

नगर के कई हिस्सों में नाले-नालियां जाम होने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। सड़कों और गलियों में जमा गंदा पानी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं, जगह-जगह बिखरा कचरा, प्लास्टिक और पॉलिथीन नालियों को अवरुद्ध करने की समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।

नालों की समय पर सफाई नहीं होने और कचरे का नियमित उठाव न होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो लोगों को आने वाले दिनों में और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ठहरे पानी से मच्छरों का खतरा

गंदगी और जलभराव के बीच सबसे बड़ी चिंता लोगों के स्वास्थ्य को लेकर है। लंबे समय तक जमा रहने वाला पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

इस स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नगर में नियमित सफाई, जलभराव वाले स्थानों का निस्तारण, मच्छरों के लार्वा की रोकथाम और जरूरत के अनुसार फॉगिंग व दवा छिड़काव जैसे कदम उठाना जरूरी है।

नागरिकों ने नगर पालिका से की कार्रवाई की मांग

नगर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों की मांग है कि नगर पालिका जौरा तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाए और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करे। लोगों का कहना है कि केवल औपचारिक सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।

नागरिकों की प्रमुख मांगें हैं कि सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई कराई जाए, सड़कों एवं बस्तियों से कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित किया जाए, जलभराव वाले स्थानों से गंदे पानी की निकासी की जाए तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाए। मंडी स्थित मंदिर सहित सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर जमा गंदे पानी को भी तत्काल हटाया जाना चाहिए।

 जिम्मेदारी तय हो, सफाई व्यवस्था में आए सुधार

नगर में साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखना स्थानीय निकाय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शहर के विभिन्न हिस्सों में गंदगी और जलभराव की समस्या सामने आ रही है, तो इसके समाधान के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?

अब जरूरत है कि नगर पालिका जौरा इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करे। साथ ही, नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी कराई जाए, ताकि नागरिकों को गंदगी और जलभराव से राहत मिल सके।

बड़ा सवाल यही है कि जब पूरा शहर गंदगी और जलभराव से जूझ रहा है, तो सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या नगर पालिका समय रहते कार्रवाई कर नागरिकों को राहत दिलाएगी, या लोगों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?

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