नगर निगम ग्वालियर की लाचार कार्य प्रणाली से शातिर ठग, आम लोगों को लगा देते हैं लाखों का चुना
पूर्व में भी की जा चुकी है आम लोगों से करोड़ों की ठगी
ग्वालियर 09 अक्टूबर। ग्वालियर में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर एक दर्जन से अधिक लोगों से विनोद तोमर नाम की युवक ने 14 लाख से अधिक रुपए की धोखाधड़ी की है। आरोपी विनोद तोमर ने लोगों को प्रधानमंत्री आवास के तहत बने सागर ताल फेस 2 के आवास को री-सेल करने के नाम पर धोखाधड़ी की है। इस फर्जीवाड़े में विनोद की पत्नी नीतू सिंह भी शामिल है, आरोपी विनोद ने खुद को और अपनी पत्नी नीतू को नगर निगम में कर्मचारी बताया था. ऐसे में विनोद और उसकी पत्नी ने मुकेश सिंह तोमर सहित अन्य लोगों को झांसे में ले लिया ।

इन सभी लोगों से आरोपी विनोद ने ढाई -ढाई लाख रुपए प्रधानमंत्री आवास री-सेल करने का हवाला देकर हड़प लिये, जब इन्होंने पैसे की रसीद मांगी तो आरोपी विनोद ने इन सभी लोगों को नगर निगम की फर्जी रशीद भी उपलब्ध करा दी। बाद में विनोद नौ दो ग्यारह हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद मुकेश सिंह और अन्य लोगों ने विनोद को मुरैना में पकड़ लिया। इसके बाद इसे वह हजीरा थाने ले गए। जहां आरोपी ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया और पुलिस के समक्ष लोगों से उनके 14 लाख से अधिक रुपए लौटने का वादा किया था। लेकिन आरोपी ने आज तक इनका पैसा नहीं लौटाया। इसके बाद विनोद सिंह की ठगी का शिकार हुए सभी लोग पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे यहां पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की शिकायत की है। इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उसने जिस तरह से भी ठगी की है उसकी जांच कर उचित कदम उठाया जाएगा।
पूर्व में भी की जा चुकी है आम लोगों से करोड़ों की ठगी
आपको बता दें कि ग्वालियर नगर निगम की लाचार कार्यप्रणाली के कारण पूर्व में भी कई लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी का शिकार हो चुके हैं लेकिन आज दिनांक तक ग्वालियर नगर निगम या स्थानीय प्रशासन के द्वारा ठागों पर कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं है
अगर सूत्रों की माने तो:-
ग्वालियरज में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाया जिसमें कहीं ना कहीं नगर निगम के भी कुछ अधिकारी कर्मचारियों के मिले होने से भी इनकारनहीं किया जा
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