ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले से मुलाकात की और इस संबंध में आवश्यक पहल कर जल्द से जल्द प्रतिमा स्थापित कराने की मांग रखी।
एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विषय काफी समय से लंबित है। उनके अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों के विरोध एवं अन्य कारणों के चलते अब तक प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब केवल किसी एक वर्ग के नेता नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक हैं।

‘ग्वालियर हाईकोर्ट में जल्द स्थापित हो बाबा साहब की प्रतिमा’
मुलाकात के दौरान एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के समक्ष मांग रखते हुए कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा जल्द से जल्द स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और संविधान के मूल्यों से बाबा साहब का गहरा संबंध है। ऐसे में हाईकोर्ट परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित होना उनके प्रति सम्मान के साथ-साथ संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सम्मान का भी प्रतीक होगा।
रतौनिया ने कहा कि बाबा साहब ने देश के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। संविधान के माध्यम से उन्होंने प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय के अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

‘बाबा साहब देश का सम्मान हैं’
एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया ने कहा कि देश की बड़ी आबादी बहुजन समाज से आती है और बाबा साहब इस वर्ग के साथ-साथ पूरे देश के सम्मान और गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की प्रतिमा स्थापना को लेकर किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित होना संविधान, न्याय और सामाजिक समानता के मूल्यों को सम्मान देने जैसा होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले में संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
मामले को लेकर आगे पहल की उम्मीद
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहब की प्रतिमा स्थापना के मामले में आगे पहल होने की उम्मीद जताई जा रही है। एडवोकेट विश्वजीत रतौनिया ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और बाबा साहब के सम्मान के अनुरूप प्रतिमा स्थापना की मांग को उचित मंच तक पहुंचाना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थाओं के स्तर पर इस मामले में सकारात्मक पहल होगी तथा लंबे समय से लंबित प्रतिमा स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा।

