भिण्ड पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री निशा रेड्डी के निर्देशन में 11 वर्षीय बालक आर्यन का अपहरण कर हत्या का खुलासा कर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने पत्रकारवार्ता के माध्यम से बताया कि फरियादी धीरेन्द्र शर्मा निवासी श्रीरामनगर अटेर रोड भिण्ड जो कि 21 वीं वाहिनी एसएएफ जिला खैरागढ़ छत्तीसगढ़ में प्रधान आरक्षक के पद पर तैनात है। विगत 8 नवम्बर को अपने 11 वर्षीय लडके आर्यन शर्मा के गुम होने की सूचना थाना देहात पर दर्ज कराई थी, जिस पर से अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुये स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक बच्चे की तलाश में जुट गये, तथा थाना देहात पुलिस एवं थाना सिटी कोतवाली भिण्ड सायबर सेल प्रभारी भी बच्चे की तलाश में लग गए, पुलिस द्वारा आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तथा दो टीम ग्वालियर व इटावा रवाना की गयीं। दिनांक 9 नवम्बर सुबह आरकेडी स्कूल के पास खाली प्लाट में प्लास्टिक की बोरी में एक बच्चे के शव की मिलने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी पहुंचकर स्वयं पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा तत्काल पुलिस टीमों को गठित कर पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।पुलिस द्वारा घटना स्थल के आसपास एवं बच्चे के सम्पर्क में रहने वालों से जानकारी एकत्रित की गई की कीतथा आधुनिक तकनीकि व डॉग स्क्वॉड टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया।एसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा घटना में कड़ी से कड़ी मिलाकर मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया तो पुलिस द्वारा आर केडी स्कूल के संचालक पर संदेह गया जिसे हिरासत में लिया गया स्कूल संचालक बारीकी से पूछताछ की गई तो उसने अपने 5 अन्य साथियों के साथ जुर्म करना कबूल किया तथा बताया कि वर्ष 2019 में कोविड लॉकडाउन होने से वह आर्थिक तंगी में आ गया था तथा क्रिकेट का ऑनलाईन सट्टा भी खेलने लगा। जिससे और भी कर्जा बढ़ता गया। उसने जिन लोगों से पैसे ब्याज पर उधार लिये थे, वह चुकाने के लिये और लोगों से पैसे उधार ले लिये कर्ज ज्यादा होने से कर्जदार पैसे वापस करने के लिये दबाव बनाने लगे। इसके चलते उसने शासकीय कर्मचारी के बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई ताकि पैसे का इंतजाम शीघ्र अतिशीघ्र हो सके। करीब 3-4 दिन पहले स्कूल के पास रहने वाले धीरेन्द्र शर्मा छुटटी पर आया था, इसी अवसर का आरोपी स्कूल संचालक ने फायदा उठाया और गुरुनानक पर्व होने से स्कूल में अवकाश होने से स्कूल में कोई नहीं था। आरोपी स्कूल संचालक ने बच्चे को चोकलेट का लालच देकर इशारे से बुलाया और उसे रस्सी से खेल-खेल में बांध दिया। उसके बाद उसका वीडियो बनाया फिरौती हेतु वीडियो बनाकर योजना के अनुसार उसकी गला घोटकर हत्या कर दी। मोबाईल में इंटरनेट न होने के कारण वीडियो बच्चे के परिजनों को नहीं भेजा जा सका। लाश को ठिकाने लगाने के लिये उसने अपने साले व अन्य आरोपियों का सहयोग लिया। योजना के अनुसार दो लोगों के साथ मोटर साईकिल से रात्रि में स्कूल पर आया। स्कूल संचालक द्वारा शव को उठाकर स्कूल की छत से बगल में पडे खाली प्लाट में फेंक दिया था।उपर से फेंके गये शव को दोनों रिश्तेदारों द्वारा उठाकर ठिकाने लगाना था। पुलिस पर नजर रखने के लिये एक लोग को लगाया गया था। किन्तु पुलिस की सक्रियता एवं घेराबन्दी के कारण भय को दोनों रिश्तेदार नहीं उठा पाये और खाली प्लाट में ही छोडकर भाग गये। छह लोगो ने दिया वारदात को अंजाम मामले में आरोपी स्कूल संचालक पवन उर्फ बालकृष्ण शर्मा पुत्र राधेश्याम निवासी अटेर रोड, शैलेष पुत्र शैलू बोहरे निवासी वीरसेन फार्म अटेर रोड, दीपू बोहरे निवासी वीरसेन फार्म अटेर रोड, पत्रकार मधुर कटारे निवासी वीरेंद्र नगर, विश्राम शर्मा निवासी मातादीन का पुरा, धीरज कांकर निवासी वीरेंद्र नगर समेत सभी छह आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल प्लास्टिक एवं बोरी, रस्सी को जप्त किया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका उक्त कार्य में निरीक्षक विनोद सिंह कुशवाह थाना प्रभारी देहात, निरीक्षक जितेन्द्र मावई थाना प्रभारी सिटी कोतवाली उनि. रविन्द्र सेंगर, उनि. दीपेन्द्र यादव उनि. शिवप्रताप सिंह, उनि. आलोक तोमर, उनि. नीतेन्द्र मायई, उनि. रवि तोमर, उनि. रविन्द्र तोमर, उनि. आशीष यादव सउनि. रामनरेश टुण्डेलकर, सउनि. सत्यवीर सिंह, पआर. केशव भदौरिया मृगेन्द्र जादौन, सोनेन्द्र, गुरूदास, सुनित तोमर, और ज्ञानेन्द्र मिश्रा, अभिषेक गुप्ता, सन्दीप राजावत, बजनंदन, प्रदीप भदौरिया, रवि यादव की सराहनीय भूमिका रही

