Wed. Sep 30th, 2026

                          प्रियंका ओझा की रिपोर्ट

मेंहगांव (मुरैना)। एकल अभियान अंचल मुरैना के अंतर्गत संच मेंहगांव की आचार्य मासिक बैठक मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित की गई। बैठक में एकल विद्यालयों के संचालन, शिक्षण व्यवस्था, संगठनात्मक गतिविधियों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही संच स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी माह के लिए आवश्यक लक्ष्य निर्धारित किए गए।

बैठक में मध्य भारत संभाग के संभाग अभियान प्रमुख धर्मवीर सिंह गुर्जर एवं अंचल कार्यालय प्रमुख नीरज शाक्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा संच समिति के मीडिया प्रभारी पुरुषोत्तम राजोरिया, संच प्रमुख श्रीमती सपना सहित संच क्षेत्र के सभी आचार्यों की उपस्थिति रही।

बैठक के दौरान संभाग अभियान प्रमुख धर्मवीर सिंह गुर्जर ने एकल विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के साथ संस्कार और जनजागरण की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने के साथ बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी आचार्यों से अपने दायित्वों का निर्वहन समर्पण, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया।

वहीं अंचल कार्यालय प्रमुख नीरज शाक्य ने संगठनात्मक गतिविधियों एवं शिक्षण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एकल विद्यालयों के नियमित संचालन, आचार्यों की सक्रियता तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

बैठक में संच स्तर पर संचालित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी माह में किए जाने वाले कार्यों और लक्ष्यों को लेकर चर्चा हुई। आचार्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गतिविधियों और कार्यों से संबंधित जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम के अंत में संच मेंहगांव की प्रगति रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं आचार्यों ने आगामी माह के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा एकल विद्यालयों की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक कार्यों में गति लाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक शिक्षा एवं संस्कार आधारित गतिविधियों को निरंतर पहुंचाना रहा।

यह भी पढ़ें:-

👉रौन:सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सामूहिक वंदे मातरम् कार्यक्रम, बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *