सेवड़ा तहसील का एक पटवारी सब पर भारी
रेखा कुशवाह/दतिया
सेवड़ा 10 नवंबर। दतिया जिले की सेवड़ा तहसील से एक ऐसा मामला निकाल कर सामने आ रहा है जिसमें एक युवक के द्वारा पटवारी की शिकायत करना, युवक को भारी पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि सेवड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ग्यारा के निवासी विश्वनाथ कुशवाहा की कृषि भूमि पर गांव के कुछ दबंगों साहब सिंह, अतर सिंह एवं अंकुश ने जवरन कब्जा कर लिया था।

👉 कारखाना चलाने के एवज में टेरर टेक्स न देने पर व्यापारी पर चलाई गोली,बाल बाल बचा
जिसकी शिकायत विश्वनाथ कुशवाहा के पुत्र पंजाब सिंह कुशवाहा के द्वारा सेवड़ा न्यायालय के समक्ष की गई थी। न्यायालय के द्वारा शिकायत पर सुनवाई करते हुए पटवारी को सीमांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया तो हल्का पटवारी राजेंद्र सिंह के द्वारा किसी लालच बस गलत सीमांकन रिपोर्ट बनाकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई। जिसकी शिकायत पंजाब सिंह के द्वारा पुनः मौखिक रूप से तहसीलदार महोदय एवं अनुविभागीय अधिकारी सेवड़ा के समक्ष की गई, जो पटवारी राजेंद्र सिंह को नागवार गुजरी और बौखलाए पटवारी राजेंद्र सिंह के द्वारा तहसील परिसर में ही पंजाब सिंह को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी एवं झूठे केस में फंसा देने की भी धमकी दी गई थी।

👉फर्जी सदस्य बनाकर कराया संस्था का पंजीयन, करोड़ों का घोटाला होने की संभावना
पटवारी राजेंद्र सिंह के द्वारा दी गई गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी की शिकायत पंजाब सिंह के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों सहित कलेक्टर महोदय से की गई। लेकिन उक्त शिकायतों पर कार्रवाई होते हुए न देख पीड़ित पंजाब सिंह के द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181 का सहारा लेते हुए शिकायत दर्ज करवाई गई थी। जिससे बौखलाए पटवारी ने न्याय तहसीलदार महोदय से मिलकर पिता एवं पुत्र को एक-एक लाख रुपए का नोटिस जारी कर दिया गया। लेकिन यहां पर सोचने वाली बात यह है कि जिले के मुखिया कलेक्टर महोदय बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।

👉सोशल मीडिया पर वायरल पत्रकारो की लिस्ट को लेकर क्राइम ब्रांच में FIR दर्ज
लेकिन उन्हीं के अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी सारे नियमों एवं कानून की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। क्योंकि जिस युवक के नाम एक बिस्वा भूमि नहीं है उस पंजाब सिंह नामक युवक को एक लाख रुपए का नोटिस तहसीलदार द्वारा दिया जा रहा है। लेकिन जिले के मुखिया कलेक्टर महोदय चुप हैं आखिर क्यों ? क्या कारण है। क्या दतिया जिले में अधिकारियों की करनी एवं कथनी में अंतर है और यदि नहीं तो कलेक्टर महोदय को उक्त मामले को अपने संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
👉कुशवाहा समाज से अभद्र भाषा का प्रयोग करना, युवक को पड़ा महंगा
अगर सूत्रों की माने तो:-
अगर विश्वासनीय सूत्रों की बात माने तो ग्यारा हल्का पटवारी के द्वारा कुछ उच्च अधिकारियों की मिली भगत से ग्यारा पंचायत के शासकीय सर्वे नंबरों पर सेवा शुल्क लेकर अवैध रूप से लोगों को कब्जा दिया जा रहा है। पटवारी के द्वारा अवैध रूप से लोगों को शासकीय सर्वे नंबरों पर कब्जे की शिकायत यदि कोई ग्रामवासी करता है तो उस व्यक्ति को पटवारी सहित उच्च अधिकारियों के द्वारा डरा धमकाकर उसका मुंह चुप कर दिया जाता है।

