
इंदरगढ़ में स्थाई सब्जी मंडी न होने के कारण, दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं सब्जी विक्रेत
इंदरगढ़ कस्बे मैं 40 से 50 साल पुरानी सब्जी मंडी एक ही स्थान पर संचालित हो रही है उस मंडी के अंदर छोटे दुकानदार, बड़े एवं थोक विक्रेता काफी समय से अपनी-अपनी दुकानों को संचालित कर रहे इसी मंडी में में एक नाला निकला हुआ है जो की पूरी तरीके से चौक है बारिश के सीजन में नगर के निवासी एवं गांव से आने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस ओर नगर परिषद की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
मंडी को स्थाई नहीं किया जा रहा है काफी समय से सब्जी मंडी वाले मांग कर रहे हैं, तमाम जनप्रतिनिधियों ने भी आश्वासन दिए यहां तक कि नगर परिषद के द्वारा भी स्थाई सब्जी मंडी का टेंडर प्रस्ताव पास हुआ एवं उक्त स्थान का नक्शा भी बना। लेकिन सब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है शासन प्रशासन की तरफ से सब्जी बेचने वाले दुकानदारों की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है 10 15 साल से यह काफी परेशान चल रहे हैं राजनीति करने वाले लोग इनको हमेशा आश्वासन देकर चले जाते रहे है। सब्जी मंडी राजनीति की भेंट चढ़ रही है जिसका फायदा अतिक्रमणकारियों को मिल रहा है और वह धड़ल्ले से अतिक्रमण करते जा रहे हैं अतिक्रमण कारी एवं शासन प्रशासन की मिलीभगत से मंडी में सब्जी बेचने वालों के ऊपर हो रहा है अत्याचार

