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कलेक्टर की सोच के परय निकले स्कूल संचालक, अभिभावकों को दिखाया ठेंगा

कलेक्टर की सोच के परय निकले स्कूल संचालक, अभिभावकों को दिखाया ठेंगा

स्कूल के दबाव के कारण बिना बिल के ही खरीदनी पड़ी थी अभिभावकों को किताबे

भिण्ड 07 सितंबर। कलेक्टर द्वारा किताबो को लेकर किए गए आदेश के बाद अभिभावकों में एक उम्मीद जगी थी लेकिन स्कूल संचालक कलेक्टर की सोच के परय निकले आलम यह कि शिक्षा का सत्र सुरु होते ही अभिभावकों को एक सादा पर्ची थमा दी जाती थी जिसमे लिखा होता था कि किस दुकान पर जाकर यह किताबे मिलेंगी लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि दुकान वालो ने भी प्रत्येक स्कूल की अलग अलग कक्षाओं के फिक्स दाम निश्चित कर रखे थे और तो और अभिभावकों के बिल मांगने पर किताब नही है कहकर वापस कर देते थे लेकिन स्कूल में पढ़ाई चालू हो जाने के कारण अभिभावकों को थक हारकर बिना बिल के ही किताबो को खरीदना पड़ता था।जिसके कारण कलेक्टर के आदेश के बाद भी अभिभावकों के हाथ में केवल निराशा ही आई है।

कलेक्टर की अच्छी पहल,शायद नए सत्र में हो सकेगा इस आदेश का पालन

बता दें कि कलेक्टर ने कक्षा 1 से 2 के लिए 800 रुपये,2 से 4 के लिए 900 रुपये,कक्षा 5 के लिए 1000 और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 1200 रुपये की किताबों का मूल्य निर्धारित किया है।लेकिन अभिभावकों को इस आदेश का लाभ शायद अगले सत्र में ही मिल सकेगा लेकिन लोगो का कहना है कि यह कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की बहुत ही अच्छी पहल है जिससे अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी

स्कूल द्वारा मनमानी न हो,स्कूल में शासन का लगाया जाए फीडबैक बॉक्स

बता दें कि सीधे तौर पर अभिभावक स्कूल की मनमानी की शिकायत दर्ज नही करवा पाते हैं लेकिन लोगो का कहना है कि अगर शासन द्वारा प्रत्येक स्कूल में एक फीडबैक बॉक्स लगाया जाए जो कि शासन की निगरानी में रहे एवं महीने में एक बार इस बॉक्स में अभिभावकों द्वारा दिए गए फीडबैक की जांच की जाए तो न सिर्फ स्कूल की शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा बल्कि अभिभावको के साथ स्कूल संचालक ठगी भी नहीं कर पाएंगे क्योकि अभिभावकों के द्वारा दिए गए फीडबैक को शासन स्तर पर गुप्त रखा जाएगा।

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