खबर का हुआ असर, हरकत में आए खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों पर की कार्यवाही
कलेक्टर के आदेश के बाद विभाग ने माखन भोग होटल के सैम्पल भर भोपाल भेजे

अमित सिंह कुशवाह/भिण्ड
भिण्ड 20 सितम्बर। चंबल आचरण अखबार में *होटलो में परोसा जा रहा दूषित खाना,अनजाने लोग खा रहे धीमा जहर* को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसको लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने गंभीरता दिखाते हुए खाद्य विभाग को आदेशित किया।जिसके बाद हरकत में आए खाद्य विभाग ने बुधवार और गुरुवार को मिलावटखोरो पर जमकर कार्रवाई की।इतना ही नहीं खाद्य विभाग ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भोपाल भी भेजें।इसके अलावा आम जन के लिए एक नम्बर भी जारी किया है जिसका मूल उद्देश्य मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाना है।और यह सुनिश्चित भी किया गया है कि शिकायत कर्ता की पहचान को गुप्त रखा जाएगा।

बता दें कि जिले भर में बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है जिससे लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। आलम यह है कि मिलावटखोर अधिक मुनाफा कमाने के चलते लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं।जिसके कारण लोग जाने अनजाने में धीमा जहर खाने को मजबूर हो गए हैं।बता दें कि कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर एवं अभिहित अधिकारी डॉ. शिवराम सिंह कुशवाह के निर्देशन में दिनांक 18 सितम्बर 2024 एवं 19 सितम्बर 2024 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी एवं श्रीमती रीना बंसल द्वारा दुग्ध एवं किराना व्यापारियों से नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल भेजे गये।जिसमें माखन भोग होटल अग्रसेन चौराहा भिण्ड प्रो. अशोक जैन से पनीर, दाल, चावल, पोरवाल किराना स्टोर, अग्रसेन चौराहा भिण्ड प्रो. दीपांशु पोरवाल से उड़द दाल, चना, छोले, रौसा, हरी मटर, पारसनाथ किराना स्टोर अग्रसेन चौराहा भिण्ड प्रो. आकाश जैन से रिफा. राईस ब्राण्ड ऑयल, मूंग दाल, राजमा, दलिया, चिलर संचालक राघवेन्द्र सिंह तोमर इंडस्ट्रीयल एरिया भिण्ड के वाहन क्रमांक MP 07 ZJ 2304 से दूध, होतम सिंह बघेल, ग्राम सिमार बिरगंवा, मेंहगांव भिण्ड से दूध, राजेन्द्र दूध भण्डार गोल मार्केट भिण्ड प्रो. अनुराग जैन से पनीर, गोपाल डेयरी चन्दूपुरा, संचालक बुद्धे थापक से पनीर के नमूने जांच हेतु लिये गये।इसके अलावा खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट संबंधी शिकायत करने के लिये मो. 8839544152 भी जारी किया गया।जिस पर आम जन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।इतना ही नहीं यह सुनिश्चित भी किया गया है कि शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जायेगा। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की कार्यशैली निसंदेह आम लोगों को पसंद आ रही है।लेकिन खाद्य विभाग अगर इसी प्रकार सक्रिय हो जाए तो शहर से मिलावट पूर्णता खत्म हो जाएगी।

