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जन्म मृत्यु पंजीयन
जन्म मृत्यु पंजीयन

जन्‍म-मृत्‍यु का पंजीयन करवाना अनिवार्य

जन्म मृत्यु पंजीयन
जन्म मृत्यु पंजीयन

जन्‍म-मृत्‍यु पंजीकरण अधिनि‍यम 1969 के नियम 9(3) के अनुसार जन्‍म या मृत्‍यु की घटना चाहे कितनी पुरानी हो, उसका पंजीयक कराना अनिवार्य है। इसके लिये आवेदक को दस रूपये के नॉन ज्‍यूडिशियल स्‍टाम्‍प पेपर पर शपथ पत्र प्रस्‍तुत करना होगा एवं जन्‍म या मृत्‍यु की घटना घटित होने के क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्‍ट्रेट या जिला कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट,अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट, सिटी मजिस्‍ट्रेट,उपखण्‍ड अधिकारी, सहायक कलेक्‍टर एवं मजिस्‍ट्रेट,तहसीलदार आदि में से किसी एक से उक्‍त घटना के पंजीकृत करवाने हेतु अनुज्ञा प्राप्‍त करेगा अनुज्ञा प्राप्‍त कर आवेदक स्‍थानीय पंजीयक कार्यालय में जमा करवाकर जन्‍म या मृत्‍यु के पंजीयन हेतु आवेदन कर, जन्‍म/मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त कर सकता है।

जन्‍म व मृत्‍यु पंजीकरण कैसे करवायें?

प्रत्‍येक ग्राम पंचायत / नगरपालिका / नगर परिषद / नगर निगम मुख्‍यालय पर स्थित जन्‍म-मृत्‍यु पंजीयक कार्यालय रजिस्‍ट्रार के कार्यालय में जन्‍म-मृत्‍यु की सूचना घटना घटित होने के 21 दिवस की अवधि में परिवार के सदस्‍य या नजदीकी रिश्‍तेदार द्वारा प्रपत्र-1 में (जन्‍म की सूचना) एवं प्रपत्र-2 में (मृत्‍यु की सूचना) भरकर देने पर जन्‍म-मृत्‍यु प्रमाण-पत्र निःशुल्‍क प्राप्‍त किया जा सकता है। जन्‍म या मृत्‍यु की सूचना निर्धारित अवधि 21 दिवस पश्‍चात् परन्‍तु 30 दिवस के अन्‍दर देने पर दो रूपये विलम्‍ब शुल्‍क जमा करवाकर जन्‍म-मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त किया जा सकता है व जन्‍म या मृत्‍यु की सूचना 30 दिवस से अधिक परन्‍तु 1 वर्ष के भीतर स्‍थानीय पंजीयक को देने पर आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप में नोटरी पब्लिक से प्रमाणित एवं संबंधित जिला पंजीयक (जिला संख्यिकी अधिकारी)/ अतिरिक्‍त जिला पंजीयक ( विकास अधिकारी) से लिखित अनुज्ञा प्राप्‍त एक शपथ पत्र देकर तथा सम्‍बन्धित पंजीयक कार्यालय में पॉंच रूपये विलम्‍ब शुल्‍क जमा करवाकर जन्‍म/मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त किया जा सकता है।

मृत्‍यु प्रमाण-पत्र के लाभ

* सम्‍पति के उतराधिकारी के लिए।

* पेंशन एवं बीमा आदि के मामलों को निपटाने के लिए।

* सम्‍पति दावों को निपटाने के लिए।

* भूमि के नामान्‍तरण के लिए।

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