चंबल आचरण
भिंड/ रमेश सिंह कुशवाह
भिण्ड। जिले भर में कई मेडिकल स्टोर जिनके रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुके है। बावजूद इसके वे अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।
विगत कुछ महीनों पहले कोरोना महामारी के दौरान गोहद क्षेत्र में ड्रग इंस्पेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ऐसे ही एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की थी जिसका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका था बावजूद इसके वह संचालित हो रहा था लेकिन निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई महज एक दिखावा साबित हो रही है। अगर उचित तरीके से पूरे जिले में इन मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया जाए तो कई मेडिकल स्टोर अवैध रूप से संचालित पाए जाएंगे। लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर इन मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई करने की वजाय दफ्तर में बैठकर केवल नौकरी को पका रही है। लोगों की माने तो कई मेडिकल स्टोर ऐसे भी है जो दूसरों के लाइसेंस लेकर कम शिक्षित होने के बावजूद भी केवल अनुभव के आधार पर मेडिकल संचालित कर रहे हैं।
लाइसेंस किराए पर ले कर देते है साल का दस हजार
कई मेडिकल स्टोरो पर महज बारह से पंद्रह साल की लड़के काम कर रहे हैं जिन्हें दवाइयों का बिल्कुल भी अनुभव नहीं है इस तरह की लापरवाही करके लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा कई मेडिकल स्टोर ऐसे भी है जो कि किराए पर लाइसेंस लेकर मेडिकल संचालित कर रहे हैं।जिन्हें स्वयं भी अनुभव नहीं है।
गलत दवाइयों के कारण साल में होती है करीब एक दर्जन से अधिक मौते
मिली जानकारी के अनुसार कम उम्र के लड़कों के द्वारा डॉक्टरों की राइटिंग को ना समझ पाने के कारण कई दवाइयां अंदाजे से दे देते हैं जो कि मरीजों को स्वास्थ्य पर गहरा असर करती हैं जिनके कारण करीब एक दर्जन से अधिक लोग साल में मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। बावजूद इसके अधिकारी कार्यवाही नहीं करते हैं।
