गोहद 23 फरवरी। गोहद के केशवपुरा में ग्रामीण अंचल सामाजिक एवं शैक्षिक सेवा संस्थान ने संत रवि जयंती का प्रोग्राम आयोजित किया गया जिसने मुख्य अतिथि के रूप में कवित्री इंजी. ज्योति दोहरे जी उन्होंने अपनी कविता से अंधविस्वास पर प्रहार किया विषेश अथित संस्था के अध्यक्ष विस्मवर मोर्या रहे , प्रोग्राम में मुख्य गायक बहुजन मिशन सिंगर बुद्ध गाथा वाचक अरविंद्र बौद्ध एवं विशाखा बौद्ध, बबलू बौद्ध,रहे जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से सबका दिल जीता , मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे लहार से सोशल एक्टिविस्ट इंजी.वीरु धनोलिया ने कहा की हम आज जिन महा पुरुषों की जयंतियां मनाते है या इस देश में हमारे पूर्वज राजा महाराजा एवं बहुजन चिंतक रहे उन्होने हमेशा सबसे पहले शिक्षा पर जोर दिया क्योंकि वो जानते थे की समाज का उद्धार सिर्फ शिक्षा से ही हो सकता है लेकिन हमारा समाज आज शिक्षा से दूर भगा रहा है और अंधविश्वास में डूबता जा रहा है आज समाज को अगर सबसे पहले कोई जरूरत है तो वह शिक्षा की जरूरत है वीरू धनौलिया का कहना है कि देश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है और समाज में नफरत फैलाने के काम किए जा रहे हैं। यह चिंता का विषय है, क्योंकि जब शिक्षा कमजोर होती है, तो समाज में समझ और सहिष्णुता की कमी हो जाती है, और इससे हिंसा और नफरत की भावना भी बढ़ रही है। जो आज सब जगह नजर आ रहा है
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अगर हम एक सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, तो हमें समाज के हर हिस्से में शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है, ताकि लोग एक-दूसरे के प्रति समझदारी और सहानुभूति का रवैया अपनाएं। आगे धनोलिया ने समाज के उद्धार लिए तीन प्वाइंट बहुत जरूरी है जिसमे। जिसे हम आर्थिक, सामाजिक,और राजनीतिक न्याय कहते है जिसका अधिकार हमारा संविधान हमे देता है लेकिन आज हम देखते है तो सरकारें इन सबसे हमे दूर रख रही है जिसको हमे गहराई से जानने की जरूरत है संविधान लागू होने से आज तक हमे सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक न्याय नही मिल पाया है आज भी देश में लोगों का सामाजिक हन्नन हो रहा है कही पर चारों तरफ देखो तो जाति धर्म धर्म के नाम पर लोग एक दूसरे को काटते मरते नजर आ रहे है और आज भी सिर्फ जाति की वजह से कई जगह दुल्हे को घोड़ी से उतार दिया जाता है उन्हे जातिगत अपमान किया जाता है , राजनीत की बात करते है तो सभी को जानने की जरूरत है तो आजाद भारत में कुछ ही लोगों की सत्ता रही है ,और आर्थिक न्याय तो कोसों दूर है एक तरह देश भुखमरी की कगार पर है तो दूसरी तरह दस प्रतिशत लोगों के पास 90% पैसा है आज देश में भूखमरी फैली हुई है आज देश भुखमरी में 105 नम्बर पर आ गया है 80 करोड़ लोग सरकारी राशन पर आश्रित है
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अंत में धनोलिया ने कहा की हमे अपनी लड़ाई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हिसेदारी के लिए लड़नी चाहिए इसके आलावा ममता बौद्ध, दीपक बौद्ध, खुशबू बौद्ध,किरण बौद्ध, खन्ना ,आदि लोगों ने अपनी बात रखी मंच संचालन बहुजन गायक राजेश बौद्ध जी ने किया एवं प्रोग्राम के आयोजक संस्था और बुद्धशिला बौद्ध महिला विंग अध्यक्ष,प्रज्ञा बौद्ध,पुत्तू सिंह, अरविंद्र,रामप्रकाश, नवल किशोर ,बाबू सिंह , दयाल सिंह , संजय,भारत सिंह दाताराम, तेज सिंह, नरेश सिंह , महताब सिंह, सिकंदर,राकेश , छुना सिंह , शेर सिंह , केदार सिंह ,ब्रजेश,निहाल, सगुनचंद्र,भानु,पंकज के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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