
सेवड़ा थाना प्रभारी के द्वारा नहीं की जा रही पीड़ित की शिकायत दर्ज
दबंगों के भय के कारण, पीड़ित गांव छोड़ने को मजबूर
सेवड़ा। सेवड़ा अनुभाग के सेवड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक ऐसा भी गांव है जहां पर दबंगों की दबंगई के कारण एक पीड़ित परिवार अपना गांव छोड़ने को मजबूर हो गया है। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन के द्वारा उसकी एक भी बात नहीं सुनी जा रही है, और न ही कोई शिकायत दर्ज की जा रही है।
आपको बता दें कि सेवड़ा अनुभाग के सेवड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रूपौली गांव के निवासी कालीचरण बघेल की कुछ समय पूर्व, गांव के दबंगों द्वारा दिनांक 12/10/23 को मारपीट की गई थी। जिसकी फरियाद लेकर कालीचरण बघेल दिनांक 16/10/23 को सेवड़ा थाने में शिकायत करने पहुंचे थे। लेकिन थाना प्रभारी के द्वारा पीड़ित की, एक भी बात नहीं सुनी गई और पीड़ित को थाने से भगा दिया था, जिसकी शिकायत पीड़ित के द्वारा उच्च अधिकारियों को भी की गई है लेकिन आज दिनांक तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।
वहीं दूसरी ओर गांव के दबंग, पीड़ित को इतना ज्यादा धमका रहे हैं कि जान से मारने की धमकी भी दे चुके हैं। जिससे पीड़ित अपना गांव छोड़ने के लिए मजबूर हो रहा है
सेवड़ा थाना प्रभारी की कथनी एवं करनी में अंतर ?
सेवड़ा अनुभाग के रुपौली निवासी पीड़ित कालीचरण बघेल के मामले में सबसे बड़ी सोचने वाली बात यह है कि पीड़ित कई बार सेवड़ा थाने के चक्कर लगा चुका है। अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए, लेकिन उसकी आज दिनांक का कोई सुनवाई नहीं की गई है।

जबकि मेरे द्वारा 15 नवंबर को सेवड़ा थाना प्रभारी महोदय (मो.70******44) से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ दिया कि अभी तक हमारे पास फरियादी आया ही नहीं है। जबकि दिनांक 18 अक्टूबर 23 को हमारी डिवीजन ब्यूरो रेखा कुशवाह किसी काम से जनपद पंचायत कार्यालय सेवड़ा गई हुई थी तब उन्होंने देखा कि कोई वृद्ध व्यक्ति थाने के वहार बैठा रो रहा है, तो रेखा कुशवाह ने पीड़ित के पास जाकर उसके रोने का कारण पूछा, जिस पर पीड़ित ने अपनी पीड़ा रेखा जी को बता दी। तो हमारी डिवीजन ब्यूरो रेखा कुशवाह पीड़ित को लेकर थाने मैं पहुंची। वहां पर मौजूद स्टाफ ने अपना पल्ला झाड़ने हुए यह कह दिया कि सहाव उनकी फरियाद सुनेंगे। लेकिन जब थाने में मौजूद स्टाफ से यह कहा कि आप तो यह आवेदन ले लो और हमें प्राप्ती दे दो, साहब जब बुलाएंगे तब आ जाएंगे तो स्टाफ के द्वारा आवेदन लेने से भी मना कर दिया गया था इतना कुछ हो जाने के उपरांत भी थाना प्रभारी महोदय कहते हैं कि हमारे पास आज दिनांक तक रूपौली निवासी कालीचरण बघेल नाम का कोई पीड़ित आया ही नहीं है।

यहां पर यह समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर थाना प्रभारी महोदय की क्या मजबूरी है जो पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है। क्या किसी नेता के दवाव में है या फिर कोई और मामला है…
हालांकि पीड़ित कालीचरण बघेल के द्वारा उच्च अधिकारी पुलिस अधीक्षक महोदय दतिया एवं जिला कलेक्टर महोदय को शिकायती आवेदन दिया जा चुका है अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक महोदय क्या कार्रवाई करते हैं।
यह भी पढ़ें:-
👉 मतदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु 16 नवम्बर को लगेंगे स्वास्थ्य शिविर
