चंबल आचरण
लहार/ शिव सिंह कुशवाह
भिंड/लहार 02 सितंबर 21। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है व पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने हेतु प्रयास भी किए जा रहे हैं लेकिन निचले स्तर पर बैठे अधिकारी अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुए प्रदेश सरकार की किरकिरी कराने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसा ही मामला जिला भिंड की जनपद लहार से संज्ञान में आया है।
ग्राम पंचायत सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लहार के द्वारा कूट रचित साजिश के तहत बाढ़ पीड़ितों पर ही मामला पंजीबद्ध कर दिया गया। बाढ़ पीड़ित ग्राम वासियों का कसूर सिर्फ इतना था कि वह आर्थिक सहायता हेतु श्रीमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी लहार के समक्ष निवेदन करने पहुंच गए। बाढ़ पीड़ितों के द्वारा निवेदन करना श्रीमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी लाहार को नागवार गुजरा और उन्होंने पीड़ितों पर शासकीय कार्य में बाधा, झूमा झप्पटी, मारपीट एवं sc-st एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध करा दिया। बेचारे बाढ़ पीड़ित ग्रामवासी अब जाएं तो कहां जाएं। क्योंकि पहले तो कुदरत की पीड़ा से ही गुजर रहे थे कि दूसरी पीड़ा अधिकारियों द्वारा दी गई।
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले आई बाढ़ आपदा में ग्राम पंचायत बरहा के लगभग आधा सैकड़ा परिवार बेघर हो गए थे जिसकी पंचायत सचिव अजीत सिंह द्वारा सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई तो अजीत सिंह के द्वारा पक्षपात करते हुए बहुत सारे नामों को छोड़ दिया गया था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी महोदय से की गई थी जिस पर एक जांच कमेटी गठित कर पुनः जांच हुई जिसमें पंचायत सचिव द्वारा बनाई गई सर्वे रिपोर्ट गलत पाई गई। सर्वे दल द्वारा जो रिपोर्ट तैयार की गई थी उसी रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के लिए ग्रामीणों के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निवेदन करने श्रीमान के समक्ष पहुंच गए द्वारा समस्या का समाधान करने की वजह उल्टा बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों पर ही मामला पंजीबद्ध करा दिया गया।
वही बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों के द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय भिंड सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से न्याय के लिए गुहार लगाई है कि पूरे मामले की उच्च जांच कराएं एवं बाढ़ पीड़ितों को न्याय दे
