
शासकीय उचित मूल्य की दुकानो के विरूद्व कार्यवाही
जिला आपूर्ति अधिकारी भिण्ड ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था के सुद्रणीकरण एवं पारदर्षीपूर्ण बनाने के लिए विगत तीन माह में अनुभाग मेहगांव, गोहद एवं लहार अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानो के विक्रेताओं द्वारा अनियमितता की गई जिस पर उनके विरूद्व नोटिस, दुकान निलंबि, एफआईआर एवं बसूली जैसी कार्यवाही की गई है। उनमें अनुभाग मेहगांव अन्तर्गत मानपुरा के विक्रेता रामभरोसे गुर्जर द्वारा ई-केवायसी के नाम से हितग्राहियों के अंगूठे लगवाए गए एवं खाद्यान्न निकाल लिया लेकिन प्रदाय नहीं किया गया। गोरमी के वार्ड क्र. नौ,दस एवं चौदह की उचित मूल्य दुकान के विक्रेता श्री मुकेष यादव द्वारा निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न का वितरण किया एवं निःशुल्क राशन की राशि भी उपभोक्ताओं से ली गई। मॉं पथवारा स्वसहायता समूह के समूह संचालको द्वारा पोषण आहार का चावल बाजार में बेचा जा रहा था। अनुभाग गोहद अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान चंदोखर के विक्रेता द्वारा कोविड काल के दौरान वितरण हेतु प्राप्त खाद्यान्न की अफरा-तफरी की गई। षासकीय उचित मूल्य डगर के विक्रेता द्वारा वितरण में अनियमिता की गई एवं खाद्यान्न की अफरा-तफरी की गई। इसीप्रकार अनुभाग लहार अन्तर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान अरूसी, जेतपुरा, छिपावली नं.दो, अधियारी नं.दो, बेलमा, रहावली उवारी, करियावली, चौरई, बरेही एवं महुंआ के विक्रेताओं द्वारा षासन निर्देषानुसार ई-केवायसी एवं मोबाईल सीडिंग का कार्य नहीं किया जा रहा है। शासकीय उचित मूल्य दुकान फरदुआ के विक्रेता द्वारा विगत तीन माह में षत प्रतिशत हितग्राहियों को वितरण नहीं किया गया। शासकीय उचित मूल्य दुकान मछण्ड एवं आलमपुर का भौतिक सत्यापन किया गया दुकान में खाद्यान्न की मात्रा में अन्तर पाया गया। उक्त सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकान विक्रेताओं द्वारा अनियमितताऐं की गई। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देष है कि शासन द्वारा निर्धारित मात्रा एवं दर पर हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण करें तथा सभी हितग्राहियों के ई-केवायसी एवं मोबाईल सीडिंग का कार्य माह दिसम्बर में पूर्ण करें। यदि उक्त कार्य विक्रेताओं द्वारा नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में दुकान निरस्ती एवं एफआईआर की कार्यवाही की जाएगी।
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