कैरो – सूडान की राजधानी खारतूम और पड़ोसी शहर ओमडर्मन में कई दिन की शांति के बाद गत दिवस शुक्रवार सुबह विस्फोटों और गोलीबारी की आवाज सुनाई दी। दो शीर्ष जनरलों की प्रभाव की लड़ाई में यह अफ्रीकी देश दो हफ्ते से हिंसा की आग में झुलस रहा है।
इस दौरान सैकड़ों लोग मारे गए हैं। 10 हजार विदेशी नागरिक भी वहां फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। सेना और अर्धसैनिक बल के बीच छिड़ी लड़ाई में खारतूम युद्ध के मैदान में बदल गया है। थोड़ी-थोड़ी दूरी पर जली इमारतें और बर्बाद नागरिक सुविधाएं बदतर हालात की कहानी कह रही हैं।

खारतूम में सेना मुख्यालय, रिपब्लिकन पैलेस (राष्ट्रपति भवन) और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक रह-रहकर लड़ाई हो रही है। पूरा सरकारी तंत्र ध्वस्त हो गया और जनसामान्य की कोई सुनने वाला नहीं है। डॉक्टरों और नर्सों का दोनों पक्ष अपहरण कर रहे हैं, जिनसे वे लड़ाई में घायल अपने लोगों का इलाज करवा रहे हैं।
खारतूम में कार्यरत अमेरिकी महिला डॉक्टर नाडा फादूल ने इस बात की पुष्टि की है। ऐसे में कुछ अफ्रीकी देश, अरब देश, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका मिलकर हालात नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। कोशिश है कि दोनों जनरल बैठकर बात करें और अपने विवादों को सुलझाएं।
फिलहाल ये देश सूडान में कई दौर के अस्थायी संघर्षविराम कराने में सफल रहे हैं। संघर्षविराम के दौर में ही भारत सहित कई देशों ने अपने हजारों नागरिक सूडान से निकाले हैं। संघर्षविराम का फायदा उठाकर हजारों सूडानी नागरिक भी भागकर पड़ोसी देशों में पहुंच गए हैं। सूडान में बनी अराजक स्थिति के बीच शुक्रवार को तुर्किये का एक विमान गोलीबारी की चपेट में आ गया।
यह विमान सूडान में फंसे तुर्किये के नागरिकों को लेने के लिए खारतूम गया था। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना दोनों पक्षों के 72 घंटे के युद्धविराम के ऐलान के बाद हुई। संघर्षविराम के दौरान अन्य विदेशी सरकारें भी सूडान से अपने नागरिक निकाल रही हैं।
