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ग्वालियर-भिण्ड-इटावा NH-719 पर बढ़ता हादसों का खतरा: कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने CM को लिखा पत्र, 6-लेन निर्माण की उठाई मांग

                         प्रियंका ओझा/रौन संवाददाता 

मेहगांव। ग्वालियर-भिण्ड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग-719 (NH-719) पर लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक दबाव को लेकर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण मार्ग को दो लेन से छह लेन में विस्तारित करने की मांग की है।

बढ़ता ट्रैफिक बना खतरे की घंटी:-

मंत्री शुक्ला ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ग्वालियर से उत्तर प्रदेश के इटावा तक जुड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 719 मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। यह मार्ग न केवल ग्वालियर-चंबल संभाग को उत्तर प्रदेश से जोड़ता है, बल्कि राजस्थान की ओर जाने वाले रूट के विकल्प के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

बताया गया है कि प्रतिदिन लगभग 25 हजार से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं। दो लेन की सीमित क्षमता के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। ओवरटेकिंग के दौरान आमने-सामने की टक्कर और साइड से भिड़ंत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आए दिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।

जर्जर पुलों से बढ़ी चिंता:-

मंत्री ने विशेष रूप से चंबल, क्वारी और यमुना नदियों पर बने पुलों की स्थिति को चिंताजनक बताया है। चंबल नदी पर बना पुल कई बार मरम्मत के बावजूद मूल समस्या से जूझ रहा है। क्वारी नदी और यमुना नदी पर स्थित पुल भी जर्जर अवस्था में बताए गए हैं।

इन पुलों पर भारी वाहनों का दबाव किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलों पर कंपन और दरारें साफ नजर आती हैं, जिससे यात्रियों में भय का माहौल है।

लंबे समय से उठ रही मांग:-

स्थानीय सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इस मार्ग को फोर लेन या सिक्स लेन बनाने की मांग की जाती रही है। पूर्व में भी कई भीषण सड़क हादसे सुर्खियों में रहे, जिनमें कई परिवार उजड़ गए।

मंत्री शुक्ला ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या संबंधित विभाग को शीघ्र निर्देश दें, ताकि मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके।

छह लेन बनने से क्या होगा लाभ?

ट्रैफिक जाम में कमी

ओवरटेकिंग के दौरान दुर्घटनाओं में कमी

भारी वाहनों की सुगम आवाजाही

व्यापार एवं परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित

सरकार की सड़क सुरक्षा नीति पर नजर

प्रदेश सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही जाती रही है। ऐसे में मंत्री द्वारा लिखा गया यह पत्र सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि शीघ्र निर्णय लिया जाता है, तो ग्वालियर-चंबल अंचल के लाखों यात्रियों को राहत मिल सकती है।

अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री के निर्देशों और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह मार्ग भविष्य में और भी बड़े हादसों का गवाह बन सकता है।

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