इन्दौर – इन्दौर में कुआं और बावड़ियों को जन सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए अभियान के रूप में कार्य तेजी से जारी है। शहर के कुछ व्यस्तम मार्गों पर कुओं और बावड़ियों पर स्लैब डालकर बनाई गई सीमेंट कांक्रीट की सड़कों को भी तोड़ा जा रहा है, इससे यातायात भी बाधित हो रहा है और शहर भी बदरंग नज़र आने लगा है।
कुओं और बावड़ियों पर स्लैब डालकर सड़क बनाने वाले अब तक आंखें मूंदे बैठे थे, लेकिन अब पटेल नगर हादसे के बाद आंखें खुलने से शहर भर में ऐसे कुएं व बावड़ियों को चिन्हित कर तोड़ा जा रहा है। इस कार्यवाही पर अब सवाल भी उठने लगे है – सार्वजनिक कुएं और बावड़ियों पर स्लैब डालकर सड़क बनाकर जन सुरक्षा से खिलवाड़ किसने किया?
इसके लिए दोषी कौन? ढक्कन वाला कुआं, स्नेहलता गंज सहित कई स्थानों पर कुएं और बावड़ियों पर स्लैब डालकर बनाई गई मुख्य सड़कों पर बस, ट्रक आदि भारी वाहनों का लगातार आवागमन होता था और दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। ये सड़कें मजबूत स्लैब डालकर नहीं बनाई गई थी, इसलिए इन सड़कों को फोड़कर अब कुएं और बावड़ियों को भरा जायेगा और दोबारा सीमेंट कांक्रेट से सड़क सुधार कार्य होगा।
इस पर दोबारा पैसा खर्च होगा, इससे सरकार होने वाली वित्तीय हानि की वसूली क्या उन जिम्मेदार अधिकारियों से की जायेगी; जिन्होने कुएं और बावड़ियों पर स्लैब डालकर सड़कें बनाने की अनुमतियॉं दी थी?
