ग्वालियर 24 मई। ग्वालियर शहर इस समय एंटी माफिया अभियान को लेकर चर्चा में बना हुआ है। इस अभियान के तहत कई कालोनियों को अवैध घोषित कर तोड़ दिया गया है व कई कॉलोनीनयजरो को नोटिस देकर सख्त हिदायत दी गई है कि जल्द से जल्द शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करें अन्यथा की स्थिति में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी जिसकी जवाबदारी अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनीनायजरो की होगी।
अपनो पर रहम गैरो पर सितम:-
लेकिन दूसरी तरफ न्यायालय तहसील मुरार के द्वारा दिनांक 07/03/22 को एक आदेश जारी किया गया था। जिसमें माननीय तहसील न्यायालय के द्वारा स्पष्ट किया गया था कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर तीन दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए लेकिन प्रशासन के द्वारा ऐसा किया नहीं गया है इससे तो यही सिद्ध होता है कि ग्वालियर की एंटी माफिया अभियान सिर्फ एक दिखा दिखावा होने के साथ-साथ एक कहावत भी सिद्ध होरा है कि “अपनो पर रहम गैरों पर सितम”
ग्वालियर प्रशासन द्वारा की जा रही एंटी माफिया अभियान की कार्रवाई
दिनांक 24/05/22 को आवेदक नरेंद्र सिंह गुर्जर के द्वारा श्रीमान कलेक्टर महोदय को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम मुरार में स्थित सर्वे क्रमांक 580,573 पर रघुवीर सिंह पुत्र नेतराम निवासी गौशाला लाल पिटारा द्वारा शासकीय भूमि को जोत कर एवं गार्डन बना कर अवैध अतिक्रमण कर लिया है। उक्त नंबरों पर शासकीय रास्ता एवं शासकीय नाला अंकित है। जिससे रास्ता अवरुद्ध हो जाने से मेरे प्लाट पर जाने का रास्ता बंद हो गया मेरे द्वारा रास्ता खुलवाए जाने बाबत तहसील मुरार के यहां आवेदन दिया तहसीलदार मुरार द्वारा पटवारी राजस्व निरीक्षक के मौके की जांच रिपोर्ट मंगाई गई एवं प्रति प्रार्थी रघुवीर सिंह को नोटिस जारी किया गया परंतु रघुवीर सिंह न्यायालय तहसील में उपस्थित नहीं हुआ जिसके विरोध एक पक्षी कार्रवाई की गई पटवारी राजस्व निरीक्षक द्वारा अपनी रिपोर्ट में बताया कि सर्वे क्रमांक 573 पर शासकीय नाला है तथा सर्वे क्रमांक 580 शासकीय रास्ता है उक्त रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार महोदय मुरार द्वारा दिनांक 26/04/22 को रघुवीर सिंह पर ₹5000 का अर्थदंड कायम किया तथा पटवारी राजस्व निरीक्षक को आदेशित किया कि तीन दिवस के मैं उक्त शासकीय भूमि से कब्जा हटाकर बेदखल प्रतिवेदन इस न्यायालय में प्रस्तुत करें। परंतु उक्त आदेश का लगभग 25 दिन हो जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है
