वीरेंद्र कुमार/मुरैना ब्यूरो
मुरैना 10 जून। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे सड़क परियोजना सुसेरा गांव ग्वालियर से निकाली जा रही है। इसमें मुरैना जिले के भी लगभग 30 गांव प्रभावित हो रहे हैं उन गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी। यह सड़क परियोजना 88 किलोमीटर लंबी है। इसमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है।

लेकिन मध्य प्रदेश मुरैना जिले से होकर गुजरती इस सड़क परियोजना क्षेत्र की कलेक्टर गाइडलाइन (सरकारी रेट) 3 वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है और मुआवजे के नाम पर भी सरकारी गाइडलाइन की रेट से 2 गुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है और उसके लिए प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से किसानों के बीच दवाव बनाकर उनसे खाता नंबर , पैन नंबर, आधार कार्ड आदि दस्तावेज लिए जा रहे हैं। जिससे किसानों में भारी आक्रोश है, किसान लगातार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से कलेक्टर गाइडलाइन की रेट बढ़ाने उसे दुगना करने और किसानों को बाजार की रेट से 4 गुना मुआवजा देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आज भी भीषण गर्मी में सैकड़ो किसान चंबल कॉलोनी पार्क में इकट्ठा हुए। तपती धूप में सड़क पर मार्च करते हुए किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और वहां जाकर संयुक्त कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम और कलेक्टर के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया। जिसमें किसानों ने उक्त मांगे रखी है।

इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्हें भी राजस्थान उत्तर प्रदेश की तरह बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने की मांग भी दोहराई।

किसानों के जुलूस, रैली, ज्ञापन की कार्रवाई का नेतृत्व सर्वश्री मध्य प्रदेश किसान सभा के ओमप्रकाश श्रीवास, श्री कृष्ण यादव, राम प्रकाश सिंह गुर्जर, जन्डैल सिंह गुर्जर, थान सिंह गुर्जर एडवोकेट, रामकिशोर शर्मा, अशोक कुमार , नरोत्तम नागर, राजेंद्र सिंह आदि ने किया। किसानों ने आगामी 17 जून को व्यक्तिगत रूप से आवेदन प्रस्तुत करने का पुनः निर्णय लिया है।
यह भी पढ़ें:-
👉कैलारस शहर में जल भराव को लेकर एसडीएम दिखे सख्त, पानी निकासी के दिए निर्देश

