कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती रुचिका सिंह की देखरेख में लगे स्वास्थ्य शिविर
ग्वालियर – कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती रुचिका चौहान जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर ग्वालियर जिले की चिन्हित समस्त 32 चिन्हित स्वास्थ्य सुविधाओं में ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ शिविरों का सफल आयोजन 9 एवं 10 जून 2026 को किया जिसमें रिकॉर्ड 1134 गर्भवती महिलाओं की जाँच की गई ,यह अभियान कलेक्टर श्रीमती रुचिका सिंह चौहान की देख-रेख में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ ।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 (DHO-1) डॉ. दीपाली माथुर ने स्वयं विभिन्न शिविरों का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने स्वयं क्षेत्र में रहकर कई गर्भवती महिलाओं एवं उच्च जोखिम वाली माताओं का व्यक्तिगत रूप से परीक्षण किया और उन्हें आवश्यक उपचार व परामर्श दिया।
इस माह के शिविरों का मुख्य एजेंडा न केवल गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच करना था, बल्कि “शून्य मातृ-शिशु मृत्यु दर” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) वाली माताओं की पहचान कर उनके त्वरित उपचार और निरंतर फॉलो-अप (Follow-up) का एक कड़ा एजेंडा लागू करना था।
जिला स्तर पर संकलित की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, शिविरों में दर्ज किए गए आंकड़े निम्नलिखित हैं:
कुल प्रसव पूर्व पंजीकरण (कुल एएनसी) जिले भर में रिकॉर्ड 1,134 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सर्वाधिक पंजीकरण सिविल अस्पताल डबरा 168, सिविल अस्पताल बिरला नगर 127 और जिला चिकित्सालय मुरार ग्वालियर में 104 दर्ज हुए।
* उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क गर्भवती) कुल 365 महिलाओं को उच्च जोखिम श्रेणी में चिन्हित किया गया। इनमें से 85 महिलाओं में मॉडरेट रिस्क के लक्षण पाए गए।
* गंभीर एनीमिया एवं थेरेपी जाँच के दौरान 13 महिलाएं गंभीर रूप से एनेमिक पाई गईं ,वहीं शरीर में खून की कमी को तुरंत दूर करने के लिए 39 महिलाओं को आयरन सुक्रोज की ड्रिप/थेरेपी दी गई।
* डायग्नोस्टिक्स एवं सोनोग्राफी : गर्भ में शिशु की सही स्थिति का पता लगाने के लिए 300 महिलाओं का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड किया गया , साथ ही 150 महिलाओं को PLSCS परामर्श और 80 महिलाओं को अन्य विशिष्ट जाँचों का लाभ दिया गया।
* प्रवेश एवं फॉलो-अप :- गंभीर स्थिति को देखते हुए 10 महिलाओं को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि 110 महिलाओं को कड़े फॉलो-अप एजेंडे के तहत रखा गया है।

जिले की सभी 32 स्वास्थ्य सुविधाओं की सूची निम्नानुसार है:-
जिले के जिन 32 केंद्रों पर यह सघन अभियान चलाया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं:
1. सीएचसी हस्तिनापुर 2. सीएचसी भितरवार 3. सीएचसी मोहना 4. सिविल अस्पताल डबरा 5. पीएचसी उटीला 6. पीएचसीआंतरी 7. पीएचसी चिनौर 8. पीएचसी वीरपुर 9. जिला चिकित्सालय ग्वालियर 10. प्रसूति गृह माधवगंज 11. प्रसूति गृह बिरला नगर 12. प्रसूति गृह लक्ष्मीगंज 13. यूपीएचसी हुरावली 14. यूपीएचसी पंत नगर 15. यूपीएचसी थाटीपुर 16. यूपीएचसी बहोड़ापुर 17. सिविल डिस्पेंसरी जनकगंज 18. सिविल अस्पताल हजीरा 19. सीएचसी डीडी नगर 20. यूपीएचसी नीमा जी की खोह 21. सिविल डिस्पेंसरी हेम सिंह की परेड 22. पीएचसी कुलैथ 23. पीएचसी पिछोर 24. यूपीएचसी आदर्श मिल 25.मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक सागरताल 26. मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक नाका चंद्रवदनी 27.मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक त्रिपाठी नगर 28. मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक राजा की मंडी 29. मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक मेहरा कॉलोनी 30. मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिक पीएचई कॉलोनी 31.मुख्य मंत्री संजीवनी क्लीनिकतुरारी 32. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरई।
3. स्वास्थ्य विभाग का मुख्य एजेंडा -शिविरों के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव तथा जिला स्वास्थ्य अधिकारी-1 डॉ. दीपाली माथुर एवं अन्य विशेषज्ञों द्वारा आगामी महीनों के लिए एक त्रिस्तरीय कार्य-योजना का एजेंडा तय किया गया है:
* मिशन ‘सुरक्षित प्रसव’ चिन्हित की गई सभी 365 HRP माताओं के प्रसव को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए उनके प्रसव का स्थान (सामुदायिक या जिला अस्पताल) पहले से ही निर्धारित कर दिया गया है।
* सघन फॉलो-अप ट्रैकिंग :- जिन 110 महिलाओं को फॉलो-अप सूची में डाला गया है, स्थानीय ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्ता हर हफ्ते उनके घर जाकर उनकी बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन की स्थिति की व्यक्तिगत निगरानी करेंगी।
* संस्थागत प्रसव :- शिविर में आईं सभी माताओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषण, अनिवार्य रूप से अस्पताल में ही प्रसव कराने के लिए जागरूक किया गया।

