आदेश बना विभाग के कर्मचारीयों में चर्चा का विषय
भिंड 6 जून। मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सबसे अहम होता है कि सरकार के समस्त विभागों की समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा बैठक लेना, क्योंकि जिस विभाग में समय-समय पर समीक्षा बैठक ली जाती हैं निश्चित तौर पर उस विभाग की जो योजनाओं का लाभ मिलना आम जनता को सुनिश्चित हो जाता है। क्योंकि समीक्षा बैठक से वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागीय मंत्री को कमियों का पता चल जाता है, जिससे उन कमियों को दूर करके योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाया जाता है। लेकिन कभी-कभी वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा समीक्षा बैठक को लेकर ऐसे आदेश भी जारी कर दिए जाते हैं जो की विभागीय कर्मचारियों में चर्चा का विषय बन जाते हैं, जिससे विभागीय कर्मचारियों को लगता है कि हमारे हक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसा ही एक आदेश भिंड जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वार जारी किया गया है जो स्वास्थ विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएमएचओ महोदय का आदेश केवल इसलिए चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उसमें जो समीक्षा बैठक रखी गई है वह रविवार का दिन निश्चित किया गया है जिसकी अध्यक्षता भिंड कलेक्टर करेंगे।

भिण्ड सीएमएचओ द्वारा जारी किए गए आदेश पर हमारे द्वारा विभागीय डॉक्टरों एवं कर्मचारियों से चर्चा की तो उन्होंने कहा..
भिण्ड सीएमएचओ द्वारा रविवार को बैठक से संबंधित आदेश के संदर्भ में जब हमारे द्वारा विभागीय डॉक्टरों एवं कर्मचारियों से बात की गई तो उन्होंने नाम एवं पद न छापने की शर्त पर हमे बताया कि सात दिवस के अंदर हम लोगों को केवल एक ही छुट्टी मिलती है जिसमें हम लोग पारिवारिक जरूरतों को पूरा करते हैं लेकिन महोदय के द्वारा आदेश जारी कर हमारी रविवार की छुट्टी भी हमसे ले ली है क्योंकि बैठक केवल समीक्षा बैठक है, जो रूटीन बैठक होती है। यदि जिले में कोई वीआईपी आ रहा होता या फिर कोई आपातकालीन स्थिति होती तो ऐसी स्थिति में यदि महोदय के द्वारा रविवार के दिन बैठक ली जाती तो हमारे मन में किसी भी प्रकार के कोई प्रश्न नहीं उठते। लेकिन श्रीमान का यह आदेश हमारी समझ से परे है। हालांकि जो हमारे सीनियर अधिकारियों ने हमें जो आदेश दिया है उसका पालन हम लोगों के द्वारा बगैर किसी आपत्ती के किया जाएगा

मध्य प्रदेश सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1977:-
“अवकाश विभाग” से तात्पर्य ऐसे विभाग या विभाग के भाग से है, जिसमें नियमित अवकाश की अनुमति होती है, जिसके दौरान विभाग में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की अनुमति होती है।
कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 53 प्रतिपूरक अवकाश:-
(1) जहां, किसी आदेश के पारित होने या आदेश जारी होने के परिणामस्वरूप उस महीने के तुरंत बाद के दो महीनों के भीतर, इस प्रकार खोए गए अवकाशों के बराबर संख्या में प्रतिपूरक अवकाश होते हैं।
(2) राज्य सरकार, उस महीने के तुरंत बाद के दो महीनों के भीतर, उस महीने के तुरंत बाद के दो महीनों के भीतर, खोए गए अवकाशों के बराबर संख्या में प्रतिपूरक अवकाश निर्धारित कर सकती है।
इनका कहना:-
भिण्ड सीएमएचओ द्वारा रविवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक रखे जाने को लेकर जब हमारे द्वारा साहब से बात की गई तो उन्होंने कहा यह एक रूटीन बैठक है। लेकिन जब हमारे द्वारा पूछा गया कि श्रीमान यदि रूटीन बैठक है तो वर्किंग डे में कभी भी रखी जा सकती थी लेकिन महोदय ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की, कि हमारे पास जैसा ऊपर से आदेश आता है बैसा आदेश हम जारी कर देते हैं। जब हमारे द्वारा कहा गया कि ऊपर से किसने आदेश दिया आपको, तो उनके द्वारा कहा गया कि मैं फोन पर किसी प्रकार की कोई बात नहीं कर सकता हूं आप कार्यालय आ जाइए मैं सब कुछ समझा दूंगा, कहकर सहाब ने फोन काट दिया

