प्रियंका ओझा/रौन संवाददाता
रौन/मेहगांव। मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के रौन थाना क्षेत्र में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक पर जन नल-जल योजना में कार्यरत दो मजदूरों से मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगा है। पीड़ित मजदूरों ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 11:10 बजे की बताई जा रही है। रौन कस्बे में बजाज एजेंसी के सामने केंद्र सरकार की जन नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद मजदूर दीपक बामनिया और राहुल बामनिया ने आरोप लगाया कि थाना रौन में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष सिंह कुशवाह अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की।

मजदूरों का कहना है कि उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा विरोध करने पर शारीरिक हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जबरन पैसे मांगने की कोशिश की गई। घटना के बाद दोनों मजदूरों ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में मजदूरों ने बताया कि उनके शरीर पर चोट के निशान हैं और वे स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जन नल-जल योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजना में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।


