भोपाल – सेवादल के तीन दिनी शिविर के समापन के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने अनुशासन का पाठ पढ़ा या तो शिविर में आए पदाधिकारियों ने सत्ता में भागीदारी की मांग भी कर डाली। उनका कहना था कि सेवादल के लोगों को भी चुनाव में टिकट दिया जाना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें भी मौका मिलना चाहिए।
प्रदेश सेवादल का शिविर 40 सालों बाद इंदौर में आयोजित किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश के नेताओं ने भी भागीदारी की थी। शिविर में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनाव और सेवादल को कैसे मजबूत किया जाए, इसको लेकर मंथन भी किया गया। शिविर में प्रदेश के हर जिले से जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष को बुलाया गया था।
तीन दिनों के सत्रों के दौरान सेवादल के कुछ पदाघिकारियों ने मांग की कि सेवादल के पदाधिकारी अपना काम पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करते हैं, लेकिन जब भी सत्ता आती है, उन्हें भूला दिया जाता है और मौका नहीं दिया जाता। चुनावों में सत्ता में सेवादल पदाधिकारियों को भी टिकटदेना चाहिए, जिससे उनका हौंसला बढ़ता रहे।
वरिष्ठों ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
आखरी दिन सेवादल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र जोशी, विधायक जीतू पटवारी, शोभ ओझा, भूपेन्द्र गुप्ता ने पदाधिकारियों को संबोधित किया। शिविर आयोजक एवं शहर अध्यक्ष मुकेश यादव ने बताया कि सभी पदाधिकारियों ने शपथ ली कि वे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही अपने क्षेत्र में जाकर कांग्रेस के लिए शिविर में दी गई गाइड लाइन पर काम करेंगे।
