सभी तहसीलों पर और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर दिए जाएंगे ज्ञापन
वीरेंद्र कुमार/मुरैना ब्यूरो
मुरैना 08 जुलाई। देशव्यापी संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा की ओर से 09 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसमें सभी 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनें तथा फ़ेडरेशन और श्रमिकों के संगठन शामिल होंगे। इसमें श्रम कानून को समाप्त कर जो श्रमिक विरोधी जो चार श्रम संहिता बनाई गई है, उनको रद्द करने।,₹26000 प्रति माह न्यूनतम वेतन घोषित करने, काम के घंटे आठ रखने, सभी स्कीम वर्कर्स, संविदा कर्मियों आदि को नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल रखने सहित कई मांगें श्रम संगठनों की ओर से रखी गई है।

इस हड़ताल और आंदोलन का समर्थन संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय किसान सभा ने भी समर्थन किया है। उसने न्यूनतम समर्थन मूल्य सभी फसलों का लागत से ड्योढा घोषित करने, उसके लिए कानून बनाने, कर्ज माफी, वृद्ध किसानों के लिए ₹9000 प्रति माह पेंशन, कृषि पर सब्सिडी जारी रखने, बिजली का निजीकरण रोकने, सभी उद्योग धंधों का निजीकरण रोकने, नई शिक्षा नीति वापस लेने सहित कई मांगे रखी हैं। इस देशव्यापी अब तक के होने वाले सबसे बड़े आंदोलन का समर्थन सभी धर्मनिरपेक्ष, वामपंथी, जनवादी राजनीतिक दलों की ओर से किया गया है। 09 जुलाई का आंदोलन देश में ऐतिहासिक आंदोलन होने जा रहा है। यह जानकारी प्रेस को मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, सीटू के श्री कृष्णा यादव, माकपा के जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़, एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह, कार्यकारी किसान सभा के जिला अध्यक्ष गयाराम सिंह धाकड़, वरिष्ठ वामपंथी नेता जे के पिप्पल , जमस की सुमन शर्मा आदि ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी।

बामपंथी नेता गणों ने बताया है कि इसमें किसानों की जमीन अधिग्रहण संबंधी मामले अटल प्रोगेश हाईवे, सबलगढ़ बाईपास, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस हाईवे और अन्य मामले भी किसानों की तरफ से उठाए जाएंगे। नेतागणों ने इस हड़ताल और आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से कामयाब बनाने। मुरैना, जोरा, सबलगढ़, कैलारस, अंबाह आदि स्थानों पर तहसील और जिला मुख्यालयों पर होने वाले प्रदर्शनों और बिरोध कार्रवाइयों मेंबड़ी संख्या में किसानों श्रमिकों आम जनों से भागीदारी की अपील की है

