ग्वालियर 10 जनवरी। 48 घण्टे तक डिजिटल अरेस्ट रखते हुए ठगों द्वारा ठगी की गयी रकम को 30 खातों में ट्रांसफर किया गया,ठगी का शिकार होने के बाद रिटायर्ड शिक्षक की मानसिक स्तिथि बिगड़ने पर उनके भाई ने उनकी ओर से राज्य सायबर सेल में ठगी की शिकायत की है।जांच टीम को शिकायतकर्ता द्वारा डिजिटल अरेस्ट करने वाले फर्जी DGP का फोटो भी सौपा है। दरअसल हाल ही के दिनों में डिजिटल अरेस्ट के मामले काफी ज्यादा बढे है।इसी कड़ी में भिंड जिले के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को डिजिटल फ्रोडेस्टर्स ने 48 घण्टे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। प्रेम सिंह कुशवाह को बताया गया कि उनके नाम से एक खाता मुंबई में खुला है,जिसमे ठगी की गई डेढ़ लाख किं रकम आई है,ऐसे में उनके खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश है,ठगों ने डिजिटल अरेस्ट रखते हुए फर्जी DGP से प्रेम सिंह कुशवाह की बात भी कराई,जब पास बैठी उनकी पत्नी ने कहा कि आजकल ऐसे बहुत फ्रॉड हो रहे है।तब डिजिटल फ्रोडेस्टर्स ने बहुत ही शातिर तरीके से प्रेम सिंह की पत्नी को भी डराते हुए फसा लिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे और बेटी को भी इस फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किया जाएगा,ऐसा नही चाहते तो जितना सेविंग अमाउंट है उसकी जानकारी दो। डरे सहमे रिटायर्ड शिक्षक और उनकी पत्नी बैंक पहुंची। इस दौरान भी वह फ्रोडेस्टर्स की डिजिटल अरेस्ट में रहे।
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प्रेम सिंह कुशवाह 02 साल पहले ही शिक्षक पद से रिटायर हुए थे। ऐसे में रिटायरमेंट के रुपयो की FD कराई हुई थी।जिसे उन्होंने ब्रेक कराते हुए। ठगों द्वारा बताए गये खाते में 29 लाख 50 हजार रुपये RTGS करा दिए। जिसके बाद डिजिटल फ्रोडेस्टर्स ने उन्हें अपनी डिजिटल अरेस्ट से रिहा कर दिया। जब इस घटना की जानकारी उन्होंने अपने भाई मुन्ना सिंह कुशवाह को दी तब उन्हें मालूम हुआ कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर ठगी के जाल में फंसाया गया था। जिसके बाद उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया।ऐसे में मुन्ना सिंह के द्वारा प्रेम सिंह की ओर से शिकायत दर्ज कराई।डिजिटल फ्रोडेस्टर्स ने 19 लाख की रकम खातों से निकाल ली गयी।वहीं 08 लाख की रकम को राज्य सायबर सेल द्वारा खातों में फ्रीज कराया गया।वहीं 02 लाख की रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल डिजिटल फ्रोडेस्टर्स कौन है,इसे कहाँ से ऑपरेट किया जा रहा है,इसकी जांच की जा रही है।

