नंदरोली स्कूल महीनों से बंद, हेडमास्टर राजेश गोयल शिकायत दबवाने में व्यस्त – बच्चों का भविष्य दांव पर
शिक्षक गायब, विभाग लापता -शिक्षा का संकट गहराया,ग्रामीणों में आक्रोश
भिंड 12 सितंबर। गांव-गांव स्मार्ट क्लास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दावा करने वाली सरकार और शिक्षा विभाग की हकीकत अब सामने आ चुकी है। भिंड जिले के नंदरोली गांव का प्राथमिक विद्यालय महीनों से बंद पड़ा है। बच्चे स्कूल का मुंह तक नहीं देख पा रहे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और शिक्षक आंख मूंदे बैठे हैं। इतना ही नहीं जब गांव के ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कप्तान सिंह ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर बच्चों के भविष्य की चिंता जताई थी। शिकायत दर्ज होने के बाद भी शिक्षा विभाग हरकत में नहीं आया। उल्टा विद्यालय के हेडमास्टर राजेश गोयल ने शिकायत बंद करवाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। सवाल यह है कि जब गांव के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं, वही सोचने वाली बात यह है कि तब हेडमास्टर पढ़ाई के बजाय दबाव बनाने में क्यों लगे हैं।
शासन-प्रशासन की लापरवाही, बच्चों पर गहराया शिक्षा का संकट
सरकार जहां हर बच्चे को पढ़ाई का अधिकार देने की बात करती है, वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि विद्यालय के ताले महीनों से जंग खा रहे हैं। न तो शिक्षकों की मौजूदगी है और न ही बच्चों की कक्षाएं। अधिकारी लगातार शिकायतों को टाल रहे हैं।
शिक्षा का स्तर गिरने के कारण गांववासियों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग और हेडमास्टर की लापरवाही के कारण गरीब और ग्रामीण बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। गांव के बच्चों को मजबूरी में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं सरकार की नीतियों और विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिरकार शिकायत करने वाले पर दबाव डालना किसका आदेश है? क्या शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा अपनी छवि बचाने में लगा है।
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