खरगोन:- राजस्व विभाग में प्रशासनिक कसावट के लिए कलेक्टर सख्त रुख अपना रहे है। विभाग संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेकर तत्काल अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।

ऐसा ही नजारा मंगलवार को जनसुनवाई में देखने को मिला, जहां डोंगरचिचली निवासी काना अमरा ने जनसुनवाई में कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा को एक माह तक तहसीलदार द्वारा किये गए आदेश का पालन नहीं करने की शिकायत की।
अमरा की 1.085 है. कृषि भूमि में आने जाने के लिए रास्ता अन्य लोगों द्वारा अवरुद्ध किया गया था। 5 अप्रैल को तहसीलदार खरगोन ने राजस्व निरीक्षक और डोंगरचिचली पटवारी को रास्ता खुलवाने का आदेश दिया था।
रास्ता खुलवाने के बाद 3 दिनों में पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश थे, लेकिन एक माह बाद भी कोई निराकरण नही हुआ।
इस पर वीसी के माध्यम से कलेक्टर ने तहसीलदार से जानकारी ली। तहसीलदार ने बताया कि आदेश किया गया मगर आदेश के विरुद्ध एसडीएम कार्यालय में अनावेदकों ने अपील प्रस्तुत कर दी है।
जनसुनवाई में ही मौजूद एसडीएम ने आवेदक से कहा कि अपील सुनने के बाद जल्द निराकरण किया जाएगा।
इसके अलावा जनसुनवाई में कसरावद तहसील के रामपुरा के कैलाश यादव ने आवेदन करते हुए सीमांकन और कब्जा दिलाने के लिए आवेदन किया था।
पीएम आवास मांगा, कलेक्टर ने दिलाई ट्राइसिकल
जनसुनवाई के दौरान सिनखेड़ा के दिव्यांग मुस्लिम खान ने पीएम आवास प्रदान करने के लिए आवेदन दिया।
कलेक्टर ने शारीरिक दुर्बलता देखकर ट्राइसिकल होने सम्बन्धी जानकारी ली। आवेदक ने भी स्वीकृति दी।
सामाजिक न्याय विभाग से तुरन्त ट्राइसिकल बुलवाई, कलेक्टर ने खान को ट्राइसिकल पर बिठाया। आवास के सम्बंध में जिला पंचायत को निर्देशित किया है।
आर्थिक सहायता के लिए किया आवेदन
लोनारा की राधिका रामेश्वर ने जनसुनवाई में बेटे की आसमयिक मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया। रेडक्रॉस से 10 हजार रुपये की राशि स्वीकृत कर चेक प्रदान किया।
