ग्वालियर 14 जनवरी। ग्वालियर में पड़ोसियों की रंजिश में महिलाओं को घर में घुसकर पटक-पटक कर पीटने के मामले में 6 दिन बाद पुलिस ने हमलवारों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर लिया। एफआईआर होने में देरी का कारण पुलिस का ही एक कर्मचारी बना। पीड़ित पक्ष के नजदीकी इस कर्मचारी ने डकैती की भाषा में आवेदन बना कर पीड़ित पक्ष को दे दिया और पीड़ित पक्ष इस आवेदन पर ही एफआईआर कराने पर अड़ा था, जबकि फुटेज व तस्दीक में डकैती के साक्ष्य नहीं मिले। घटना का कारण पड़ोसियों की रंजिश बताई गई है।

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दरअसल ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के सुरैया पूरा में रहने वाली बैजयंती शर्मा ने शिकायत की थी कि 6 जनवरी की रात में एक युवक अशोक व रेणु गुर्जर के घर से निकला और उनके घर की घंटी बजाई। उसने जब गेट खोला तब युवक ने उसके साथ गाली-गलौज किया और उसके द्वारा विरोध करने पर अपने साथियों को बुलाकर उसके घर में घुसकर हमला कर मारपीट की।
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हमलावरों ने उसकी व उसकी मां की घर में पटक कर मारपीट की और रुपए व गहने लूट लिए। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था. पुलिस ने जब जांच पड़ताल की तो मारपीट की तो पुष्टि हुई, लेकिन घर से नगदी व गहने लूटने के साक्ष्य व फुटेज नहीं मिले। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि घर में घुसकर महिलाओं को पीटने वाले हमलावरों के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच करते हुए फुटेज के आधार पर हमलावरों की शिनाख्त कर तलाश की जा रही है। कुछ संदेहियों से पूछताछ की जा रही है, जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा


