खरगोन :- चुनावी साल में फस्र्ट क्लास अधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी, संविदा, आउटसोर्स सभी कर्मचारी अपनी-अपनी मांगों को लेकर रोजाना धरना, प्रदर्शन, हड़ताल जैसे आंदोलन कर रहे है।

इन आंदोलनों की श्रृंखला में अब चिकित्सक भी शामिल हो गए है। मंगलवार को जिला अस्पताल में पदस्थ चिकित्सको ने दो घंटे ओपीडी सेवाएं छोड़कर सांकेतिक हड़ताल की। प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की।
चिकित्सको के प्रदर्शन के चलते भर्ती एवं इमरजेंसी मरीजों को तो स्वास्थ्य सेवाएं मिली लेकिन ओपीडी मरीजों को परेशान होना पड़ा।
इस प्रदर्शन से चिकित्सको ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नही मानी तो बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं पर रोक लगा देंगे।
यदि ऐसा हुआ तो स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएगी, क्योंकि संविदा स्वास्थ्यकमी पिछले 20 दिनों से हड़ताल कर रहे है।
जिला अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे चिकित्सको ने बताया कि बताया कि मप्र शासकिय/ स्वसाशी चिकित्सक महांसघ के आह्वान पर प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जा रहा है।
17 फरवरी को शासन स्तर पर प्रमोशन सहित अन्य मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गई है, अब तक कोई निर्णय नही लिया, इसलिए हड़ताल का रुख अख्तियार करना पड़ रहा है।
ओपीडी सेवाएं हुई प्रभावित
जिला अस्पताल में करीब 60 चिकित्सक विभिन्न वार्डो में सेवाएं दे रहे है। सुबह 11 से 1 बजे तक मरीजों को चिकित्सा सेवाएं नहीं दी।
हालांकि आयुष चिकित्सको की तैनाती की गई है लेकिन वह नाकाफी साबित हुई।
इससे ओपीडी सेवाओ के लिये पहुंचे कई मरीजो को बिना उपचार के ही लौटना पड़ा, तो कई मरीज चिकित्सको के लौटने का इंतजार करते रहे। वहीं इमरजेंसी मरीजों को सिविल सर्जन ने देखा।

