पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज न करें पुलिस प्रशासन ,पत्रकार करेंगे विरोध:रविन्द्र सिंह पवैया
पत्रकारों की आपसी एकता, अधिकारों और मूल्यों की रक्षा को लेकर ग्वालियर प्रेस क्लब और प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ की विराट महापंचायत
मप्र के सभी जिलों से आये पत्रकारों ,एनआरआई ,समाजसेवियों का हुआ सम्मान
ग्वालियर। 29 जुलाई। ग्वालियर प्रेस क्लब और प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के संयुक्त तत्वाधान में ग्वालियर में ‘पत्रकार महापंचायत’ का ऐतिहासिक आयोजन स्थानीय बाल भवन ऑडिटोरियम में हुआ।इस महापंचायत में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आये पत्रकारों ने खुलकर अपनी बात रखी।इसके बाद ग्वालियर प्रेस क्लब और प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने 11 सूत्रीय ज्ञापन तैयार कर मुख्यमंत्री के नाम ग्वालियर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।महापंचायत में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से आये हुए पत्रकारों के अपना परिचय दिया,और सभी पत्रकारों का सम्मान किया गया।साथ ही दिवंगत कर्मवीर पत्रकारों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन रखकर श्रद्वांजलि रखी गई।

पत्रकार महापंचायत को संबोधित करते हुए ग्वालियर प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रदीप तोमर ने कहा कि ग्वालियर चंबल के किसी भी पत्रकार के साथ कोई भी घटना घटित होती है तो वह हमें संपर्क करें ग्वालियर प्रेस क्लब हर संभव उनकी सहायता और मदद प्रदान करेगा।पत्रकारों से खचाखच भरे ऑडिटोरियम में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का स्वतंत्र होना नितांत आवश्यक है। वर्तमान संदर्भ में जिस प्रकार पत्रकारिता पर आघात हो रहे हैं वह चिंतनीय हैं। इस ऐतिहासिक पत्रकार महापंचायत में पत्रकारिता से जुड़ी ज्वलंत समस्याएं सभी के समक्ष रखी है ,इन समस्याओं के निदान के लिए ग्वालियर प्रेस क्लब अपनी लड़ाई जारी रखेगा।इस अवसर पर उप संचालक जनसंपर्क मधु सोलापुरकर ने कहा कि पत्रकारों की हर समस्या के निदान के लिए जनसंपर्क विभाग हमेशा साथ है.मप्र शासन ने भी पत्रकारों के हित में कई योजनाएं चला रखी है,जिसका लाभ पत्रकारों को मिल रहा है।

इस ख़ास मौके पर प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र सिंह पवैया ने कहा कि सरकार को पत्रकारों के हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए, जबकि सरकार कुंडली मारे बैठी हई है। सरकार को सोचना चाहिए की आंधी-पानी और बारिश के समय सिर्फ पत्रकार काम आता है इस स्थिति में जब पत्रकारों की बात को तवज्जो नहीं दी जाती है तो हम पत्रकारों को महा पंचायत जैसे आयोजन कर उनको जगाने का काम समय समय पर करना पड़ता है।

पत्रकारों को वकीलों का समर्थन
महापंचायत में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट संकल्प गोस्वामी ,मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एडवोकेट राजकुमार जोशी ने भी पत्रकारों का संभल प्रदान करते हुए कहा गया कि किसी भी तरह की कानूनी सलाह के लिए हम हमेशा आपके साथ हैं,उन्होंने महापंचायत का समर्थन करते हुए कहा कि जहां कहीं भी किसी पत्रकार बंधुओ को कोई समस्या आती है तो हम उनका निशुल्क केस लड़ेंगे।

ये थे मंचासीन
वरिष्ठ पत्रकार नवीन नायक ,नासिर गौरी ,जावेद खान,रवि शेखर ,धर्मेन्द्र तोमर ,राजेश अवस्थी लावा ,प्रदीप तोमर,मचल सिंह बैश,आनंद त्रिवेदी ,प्रमोद शर्मा,
वरिष्ठ पत्रकारों ने रखे विचार
”आज हमें पत्रकारिता करने में बहुत समस्या आती है लेकिन कुछ चुनिंदा बिंदुओं को लेकर हमें अच्छी पत्रकारिता करनी चाहिए,सोशल मीडिया पर न्यूज सोच -समझ कर पोस्ट करें।
प्रदीप माडरे,संपादक
ग्वालियर हलचल

”पत्रकारिता का क्षेत्र में कार्य करने में कई परेशानी आती है उसको दूर करने के लिए प्रेस क्लब ने जो बीड़ा उठाया है ,मैं उनकों बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं।”
नासिर गोरी
वरिष्ठ पत्रकार ,आईबीसी 24

”वर्तमान संदर्भ में अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा जा रहा है।निष्पक्षता के लिए हमें सभी पक्षों को देखना होगा
जाबेद खान,आईएनएच
यह हैं 11 सूत्री मांगे
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
2. समाचार पत्रों को पीआईबी के द्वारा भोपाल में जमा किए जाने बाले समाचार पत्रों का जमा करने का प्रावधान किया गया है, उसको समस्त मध्य प्रदेश के संभागीय कार्यालय में जमा करने का आदेश हो जिससे पत्रकारों को हो रही असुविधा से लाभ मिल सके।
3. पत्रकार पर दर्ज हुए मुकदमे की उच्च स्तरीय जांच कर निर्दोष पत्रकारों को दोष मुक्त किया जाए ओर पत्रकारों पर दर्ज हुए मुकदमे वापस किए जाएं।
4. समस्त शासकीय अस्पतालों में पत्रकार वार्ड की स्थापना की जाए।
5. पत्रकार कमेटी जो कि जनसंपर्क में द्वारा गठित की जाती है जिससे चुनाव प्रक्रिया के तहत प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए।
6. किसी भी पत्रकार को पत्रकारिता करते समय मृत्यु हो जाने के पश्चात उसके परिवार को शासकीय नौकरी और 5 लाख से अधिक आर्थिक मदद की जाए।
7. 10 वर्ष पुराना नियमित अखबार को डीपीआर में सतः सम्मिलित किया जाए।
8. शासकीय प्रेस वार्ता के लिए पास की व्यवस्था जनसंपर्क अधिकारी के द्वारा की जावे।
9. ग्वालियर में भोपाल की तर्ज पर प्रेस कंपलेक्स की स्थापना की जाए जिससे ग्वालियर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र को प्रेस पूल के अंतर्गत जमीन देकर प्रेस कार्यालय की स्थापना हो सके।
10 .शासकीय प्रेस वार्ता के लिए पास की व्यवस्था जनसंपर्क अधिकारी के द्वारा की जाएं।
11. अधिमान्यता की प्रक्रिया को सरल किया जाए 10 वर्ष पुराने पत्रकार को सुतेही अधिमान्य पत्रकार की श्रेणी में लाया जाए।

