कांग्रेस के “झूठे संविधान प्रेम” की भी पार्टी खोलेगी पोल दामोदर यादव
ग्वालियर 02 दिसम्बर। आजाद समाज पार्टी के नवनियुक्त कोर कमेटी सदस्य दामोदर सिंह यादव के द्वारा आज ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा की। यादव के द्वारा बताया गया कि आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) लगातार यह कहती रही है कि मध्य प्रदेश पिछले कुछ वर्षों से आडंबर पाखंड और अंधविश्वास फैलाने वाले कथित संतों का केंद्र बनता जा रहा है, जिसके कारण जातिवादी घटनाओं को बढ़ावा मिला है। इसी के खिलाफ आवाज बुलंद करने हेतु आगामी 06 दिसंबर को दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के मुख्य आतिथ्य में एक विशाल महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
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रैली के विषय में जानकारी देते हुए आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता दामोदर यादव ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा जैसे लोग संविधान को समाप्त कर मनुवादी विधान लागू करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से धर्म की आड़ में गैर-संवैधानिक यात्राएँ और कथाओं के आयोजन किए जा रहे हैं। आर.एस.एस. द्वारा संविधान समाप्त करने की प्रयोगशाला मध्य प्रदेश को बनाया जा रहा है। इसलिए संविधान की रक्षा के लिए राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत 06 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर दतिया जिले के इंदरगढ़ से की जा रही है।

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इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण पर 13 प्रतिशत होल्ड हटाने, प्रमोशन में आरक्षण लागू करने तथा धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा की कथाओं पर प्रतिबंध लगाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। तो वही IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान पर यादव ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह व्यक्तिगत जीवन का विषय है। लेकिन संतोष वर्मा के बयान पर बवाल मचाने वाले धीरेंद्र शास्त्री के “महिला की माँग में सिंदूर न होना मतलब प्लॉट खाली है” और “चच्चियों 30-30 बच्चे पैदा कर सकती हैं” जैसे अपमानजनक बयानों पर क्यों चुप हैं? क्या धीरेंद्र शास्त्री और पत्नी को मनोरंजन का साधन बताने वाले उनके गुरु रामभद्राचार्य पर भी FIR नहीं होनी चाहिए?
कांग्रेस पर भी बरसे यादव:-
कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए यादव ने कहा कि संविधान की प्रति दिखाकर सामाजिक न्याय का खोखला वादा करने वाली कांग्रेस तब चुप रही जब ग्वालियर में बाबा साहेब की प्रतिमा विवाद ने वर्ग संघर्ष का रूप ले लिया और जब धीरेंद्र शास्त्री पूरे देश में हजारों की भीड़ के साथ गैर-संवैधानिक यात्राएँ करते रहे। सिविल जज भर्ती और ओबीसी आरक्षण-दोनों मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी यह सिद्ध करती है कि वह आरक्षण विरोधी है और भाजपा की “बी टीम” के रूप में कार्य कर रही है।

