वीरेंद्र कुमार/ मुरैना ब्यूरो
मुरैना 08 जनवरी। जिला पंचायत मुरैना की सामान्य सभा की बैठक बुधवार को जिपं के सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की खास बात यह रही कि इसमें चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ही प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर सीईओ श्री कमलेश कुमार भार्गव, वरिष्ठ लेखाधिकारी एलके अवस्थी, लेखाधिकारी श्री एमएम वेंग सहित सभी जिपं सदस्यगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष श्रीमती आरती आकाश गुर्जर ने एजेंडे के अनुसार बैठक शुरू करने के निर्देश दिए।

नए साल की शुभकामनाओं एवं विभागीय अधिकारियों के परिचय के साथ शुरू हुई बैठक में सबसे पहले वन विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। एसडीओ जैसे ही विभागीय कार्यों की जानकारी देने के लिए तैयार हुए, वैसे ही अध्यक्ष श्रीमती गुर्जर एवं वन स्थाई समिति के सभापति श्री केशव सिंह गुर्जर ने जिला वन मण्डलाधिकारी के बैठक में उपस्थित नहीं होने पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि जिपं की स्थाई समितियों को बनें ढाई साल से अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन वन विभाग सहित किसी भी विभाग में में समय पर पर बैठकें आयोजित नहीं की जा रही जो गंभीर मामला है। लिहाजा उन्होंने सीईओ को हर विभाग में स्थाई समितियों की समय-समय पर बैठके आयोजित कराने के निर्देश दिए। सहकारिता और उद्योग स्थाई समिति की समीक्षा के दौरान सभापति श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने भी इस बात पर नाराजगी जताई कि सहकारिता उपायुक्त ने आज तक समिति की बैठक नहीं बुलाई है। इसकी पुनर्रावृत्ति न हो। इसके लिए इसी माह बैठक आयोजित की जाए। इसके अलावा अन्य सदस्यों ने खाद-बीज की कमी का मुददा उठाया।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में अध्यक्ष श्रीमती गुर्जर ने पहाडगढ़ में गायनिक डॉक्टर नहीं होने पर चिंता जताते हुए कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण क्षेत्र की गर्भवती महिला मरीजों को क्रिटिकल डिलेवरी के लिए जिला चिकित्सालय जाना पडता है, इसलिए पहाडगढ में तत्काल विशेषज्ञ महिला चिकित्सक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पीएचई के कार्यों की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने ग्रामीण इलाकों में नलजल योजना को प्रगति पर असंतोष जाहिर किया। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के अधीन आने वाले छात्रावासों में कृय की गई घटिया सामग्री की एक समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए गए।

