रेखा कुशवाह/संभागीय ब्यूरो
भिण्ड 10 सितंबर। पत्नियों के द्वारा पतियों को प्रताड़ित करने एवं पतियों की हत्या कर देने के मामले आजकल अधिकतर सुर्खियों में बने हुए हैं। जिसे कहीं न कहीं पतियों में खौफ का माहौल बना हुआ है। ऐसी घटनाओं से मध्य प्रदेश का चंबल संभाग भी अछूता नहीं रहा है चंबल संभाग से भी ऐसे कई मामले निकाल कर सामने आए जिसमें पत्नियों द्वारा पतियों को मानसिक प्रताड़ना है दी जा रही हैं अभी हाल ही में दिनांक 9 सितंबर को भिण्ड जिले के ग्राम दवरेहा निवासी जगत सिंह कुशवाहा के द्वारा भिण्ड पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर आप बीती सुनते हुए न्याय की गुहार लगाई गई है।

पीड़ित जगत सिंह कुशवाहा के द्वारा भिंड पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन बताया गया है कि दिनांक 30/08/2025 को मेरी माता जी कमला उम्र 70 वर्ष निवासी ग्राम दवरेहा जागीर घर पर अकली थी। इसी समय मेरे ससुर खचेरे व साला रवि निवासी मछण्ड आये और मेरी माता जी को गंदी गंदी गालिया देने लगे और कहा कि तेरा लड़का जगत सिंह कहा है उसे जान से मार देगे। क्योंकि मेरी पत्नी रीता अन्य किसी व्यक्ति से फोन पर बात करती है। इसी बात को लेकर मेरी पत्नी रीता से थोड़ा विवाद चल रहा था इसलिये मै थाना मिहोना चला गया था। घर पर मेरी माता जी अकेली थी। इसी समय मेरे ससुर खचेरे व मेरा साला रवि निवासी मछण्ड मारसल लेकर आये और मेरी माता जी को गालिया देने लगे कहने लगे तेरे लड़के जगत को व तुझे जान से खत्म कर देगे अगर मेरी लड़की रीता से कुछ कहा तो।
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मेरी पत्नी रीता ने मेरी माँ को घर पर अकेली समझकर मौका पाकर अपने भाई रवि और अपने पिता खचेरे के सहयोग से मेरा जेवर 1- पायले करीब 150 ग्राम चाँदी की, 2- कमर की पेटी करीब 200 ग्राम चाँदी की, 3- दो चूड़ी सोने की चार आना भर, 4- बेसर करीब एक आना पाँच रत्ती, 5- एक नाक का फूल, 6- भाला टूटे हुये थे करीब तीन आना भर कीमत करीब 80000 के लगभग और नगदी 45000 जो संदूक मे रखे थे लेकर चले गये।

दिनांक 31/08/2025 को में इसी सोच में दुखी बना रहा जब दिनाक 01/09/2025 को संदूक खोलकर देखा तो पता चला कि मेरा जेवर व रुपया मेरे ससुर खचेरे व मेरे साले रवि व मेरी पत्नी रीता आदि लोग ले गये हैं। मैंने अपनी माता जी को पूछा तो उन्होने बताया कि मुझे गाली देती रही और मुझसे पूछती रही कि जेवर कहा है और संदूक में ढूंढती रही। यह घटना रामदास पुत्र बटई ने देखी है। रामदास की पत्नी श्यामबनी व फूलनदेवी व साहब सिंह पुत्र मानपाल आदि लोग आ गये थे। उक्त व्यक्तियो ने हमारे ससुर खचेरे से कहा कि ऐस मत करो घर पर किसी लड़के को आने दो लेकिन मेरे ससुर ने गंदी गंदी गालिया देते हुये कुछ नहीं सुना और यह सामान लेकर मेरी पत्नी रीता व दोनों पुत्रियो को गाड़ी के बैठा लिया और लेकर चले गये। उक्त पूरे मामले की जानकारी लिखित में थाना प्रभारी महोदय मिहोना को दी गई तो महोदय के द्वारा आवेदन न लेते हुए प्रार्थी को थाने से भगा दिया गया। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक भिंड के द्वारा पीड़ित जगत सिंह कुशवाहा को न्याय दिलाया जाता है या फिर एक और पति हो जाएगा पत्नी की प्रताड़ना का शिकार।
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