
भिंड ब्यूरो- अमित सिंह कुशवाह की रिपोर्ट
आधुनिक भारत के निर्माता एवं शिल्पकार थे -स्व राजीव गांधी
आज दिनांक 21 मई दिन रविबार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी जी की 32 वी पुण्यतिथि जिला कांग्रेस कार्यालय शिवहरे का पुरा भिंड पर आयोजन जिला कोषाध्यक्ष योगेश कुमार शाक्य के द्वारा किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव भागीरथ कुशवाह ने की तथा जिला संगठन मंत्री इरशाद अहमद के मुख्य आतिथ्य में की गई। जिसमें योगेश कुमार ने कहा कि
40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले श्री राजीव गांधी भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे और संभवतः दुनिया के उन युवा राजनेताओं में से एक हैं जिन्होंने सरकार का नेतृत्व किया है।

स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच एवं निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले श्री गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे और जैसा कि वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता को बनाये रखने के उद्देश्य के अलावा उनके अन्य प्रमुख उद्देश्यों में से एक है – इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण।
हवाई उड़ान उनका सबसे बड़ा जुनून था। अपेक्षानुसार इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की एवं वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया। जल्द ही वे घरेलू राष्ट्रीय जहाज कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए।
श्री गांधी से ज्यादा दुखद एवं कष्टकर परिस्थिति में कोई सत्ता में क्या आ सकता है जब 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मां की क्रूर हत्या के बाद वे कांग्रेस अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन व्यक्तिगत रूप से इतने दु:खी होने के बावजूद उन्होंने संतुलन, मर्यादा एवं संयम के साथ राष्ट्रीय जिम्मेदारी का अच्छे से निर्वहन किया। इसी के साथ संगठन मंत्री मैं अपने सपनों में ने अपने वक्तव्य में उनके द्वारा किए गए महान कार्यों में से कुछ कार्य ऐसे भी थे जो अविश्वसनीय है जैसे

दूररसंचार क्रांति
यह राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत में दूरसंचार क्रांति लाई.आज जिस डिजिटल इंडिया की चर्चा है, उसकी संकल्पना राजीव गांधी अपने जमाने में पूर्ण रूप से तैयार कर ली थी।
वोट देने की उम्र सीमा घटाई
पहले देश में वोट देने की उम्रसीमा 21 वर्ष थी. मगर युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नजर में यह उम्रसीमा गलत थी. उन्होंने 18वर्ष की उम्र के युवाओं को मताधिकार देकर उन्हें देश के प्रति और जिम्मेदार तथा सशक्त बनाने की पहल की. 1989 में संविधान के 61 वें संशोधन के जरिए वोट देने वोट देने की उम्रसीमा 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई.
कंप्यूटर क्रांति
देश में पहले कंप्यूटर आम जन की पहुंच से दूर थे. मगर राजीव गांधी ने अपने वैज्ञानिक मित्र सैम पित्रोदा के साथ मिलकर देश में कंप्यूटर कक्रांति लाने की दिशा में काम किया. राजीव गांधी का मानना था कि विज्ञान और तकनीक की मदद के बिना उद्योगों का विकास नहीं हो सकता.
पंचायतों का सशक्तिकरण
पंचायतीराज से जुड़ी संस्थाएं मजबूती से विकास कार्य कर सकें, इस सोच के साथ राजीव गांधी ने देश में पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त किया. राजीव गांधी का मानना था कि जब तक पंचायती राज व्यवस्था सबल नहीं होगी, तब तक निचले स्तर तक लोकतंत्र नहीं पहुंच सकता.
नवोदय विद्यालय
मौजूदा समय देश में खुले 551 नवोदय विद्यालयों में 1.80 लाख से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. गांवों के बच्चों को भी उत्कृष्ट शिक्षा मिले इस सोच के साथ राजीव गांधी ने जवाहर नवोदय विद्यालयों की नींव डाली थी. ये आवासीय विद्यालय होते हैं. प्रवेश परीक्षा में सफल मेधावी बच्चों को इन स्कूलों में प्रवेश मिलता है. बच्चों को छह से 12 वीं तक की मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल में रहने की सुविधा मिलती है.
इसी वक्तव्य के साथ एडवोकेट सत्यप्रकाश गोयल ने 2 मिनट के मौन लिए सभी से आह्वान किया तथा राजीव गांधी अमर रहें के नारे के साथ कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों का आभार प्रकट कर समापन किया गया।
इस मौके पर सुनील कुमार शर्मा, नयनसिंह बाराकला, शाहिद खान, ऐहवरन सिंह बघेल, असलम वारसी, सत्तार अंसारी दीपक शाक्य ,राज शाक्य, अजय कुमार आदि कांग्रेस विचार धारा के लोग उपस्थित थे।
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